#DehradunAlert: पर्यटकों के लिए फिलहाल बंद हुए FRI के द्वार; सुरक्षा कारणों से लिया गया बड़ा फैसला, जानें अब किसे मिलेगी एंट्री?
एफआरआई प्रशासन ने अस्थायी रूप से आम लोगों के प्रवेश पर लगाई रोक। सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के चलते लिया गया निर्णय; केवल अनुमति प्राप्त शैक्षणिक दलों को ही मिलेगा प्रवेश।
देहरादून: देश की ऐतिहासिक धरोहर और फिल्मों से लेकर पर्यटन तक अपनी खास पहचान रखने वाला वन अनुसंधान संस्थान (FRI) फिलहाल पर्यटकों की चहल-पहल से दूर रहेगा। संस्थान प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आम जनता और पर्यटकों के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है।
क्यों लिया गया यह अचानक फैसला?
संस्थान के कुल सचिव (Registrar) विकास राणा द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह कदम सुरक्षा व्यवस्था में किए जा रहे व्यापक बदलावों के मद्देनजर उठाया गया है।
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सुरक्षा प्रोटोकॉल: सूत्रों की मानें तो संस्थान के सुरक्षा बेड़े और कर्मचारियों के प्रबंधन में हाल ही में कुछ बदलाव किए गए हैं। जब तक नई व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू नहीं हो जातीं, तब तक बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश सीमित रखने का निर्णय लिया गया है।
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सप्ताहांत की भीड़ का प्रबंधन: एफआरआई में सामान्य दिनों में 500 से 700 पर्यटक पहुँचते हैं, लेकिन शनिवार और रविवार को यह संख्या हजारों में पहुँच जाती है। इतनी बड़ी भीड़ की सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन फिलहाल अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है।
किसे मिलेगी अनुमति और किसे नहीं?
पार्क और संग्रहालय घूमने आने वाले सामान्य पर्यटकों के लिए गेट फिलहाल बंद रहेंगे, लेकिन कुछ मामलों में छूट दी गई है:
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शैक्षणिक भ्रमण (Educational Tours): वे स्कूल या कॉलेज दल जिन्होंने पहले से अनुमति प्राप्त की है, वे संस्थान का दौरा कर सकेंगे।
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पूर्व अनुमति अनिवार्य: किसी भी समूह को प्रवेश के लिए अब पहले से लिखित अनुमति लेना आवश्यक होगा।
पर्यटन पर असर: सप्ताहांत की योजना पर फिरा पानी
देहरादून आने वाले पर्यटकों के लिए एफआरआई हमेशा से ‘मस्ट विजिट’ लिस्ट में रहता है। अचानक हुए इस फैसले से उन लोगों को निराशा हाथ लगी है जो दूर-दराज से इस संस्थान की वास्तुकला देखने आते हैं। स्थानीय नागरिकों के लिए भी, जो यहाँ सुबह की सैर या पिकनिक के लिए आते थे, यह आदेश एक बड़ा बदलाव है।
निष्कर्ष: सुरक्षा और विरासत का तालमेल
एफआरआई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अस्थायी है और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद इसे फिर से खोला जा सकता है। हालांकि, तब तक पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट या सूचना केंद्र से जानकारी लेकर ही अपनी यात्रा प्लान करें।

