Monday, January 19, 2026
उत्तराखंड

#ChardhamYatra2026: भक्ति में नहीं होगा ‘डिजिटल’ विघ्न! चारों धामों के मंदिर परिसरों में मोबाइल-कैमरे पर पूर्ण प्रतिबंध; कमिश्नर ने दिए तैयारियों के कड़े निर्देश

 

दर्शन व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला; एक महीने में दुरुस्त होंगी यात्रा मार्ग की सड़कें और एक सप्ताह में पूरे होंगे टेंडर। सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए ‘फास्ट ट्रैक’ मोड में काम शुरू।

 सुगम दर्शन और सुरक्षित सफर का संकल्प

देहरादून: मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप, गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने शनिवार को ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में चारधाम यात्रा-2026 की तैयारियों की कमान संभाल ली है। एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि इस वर्ष की यात्रा न केवल सुरक्षित होगी, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव भी बनेगी।

1. मंदिर परिसर में ‘डिजिटल डिटॉक्स’ और मर्यादा

पिछले सीजन में मंदिर परिसरों में रील बनाने और मोबाइल के कारण दर्शन में हो रही देरी को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा फैसला लिया है:

  • पूर्ण प्रतिबंध: श्री केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के मुख्य मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरा ले जाना पूरी तरह वर्जित होगा।

  • लॉकर सुविधा: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) को निर्देश दिए गए हैं कि वे मोबाइल और कीमती सामान सुरक्षित रखने के लिए पृथक लॉकर व्यवस्था सुनिश्चित करें।

  • उद्देश्य: दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाना और धामों की पवित्रता बनाए रखना।

2. ‘फास्ट ट्रैक’ पर सड़कें और बुनियादी ढांचा

आयुक्त ने यात्रा मार्ग की दुर्गम सड़कों और बुनियादी ढांचे को लेकर सख्त समय सीमा (Deadlines) तय की है:

  • सड़कें होंगी चकाचक: एनएच, पीडब्ल्यूडी और बीआरओ को निर्देश दिए गए हैं कि पिछले मानसून के मलबे को एक माह के भीतर साफ कर सड़कों को पूरी तरह सुगम बनाया जाए।

  • टेंडर प्रक्रिया: यात्रा से जुड़े आवश्यक कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी करने के आदेश दिए गए हैं।

  • पार्किंग और होल्डिंग: यात्रा मार्गों पर पार्किंग क्षमता बढ़ाने और यात्रियों के ठहरने के लिए ‘होल्डिंग पॉइंट्स’ को अपग्रेड किया जा रहा है।

3. 24/7 सेवा और स्वास्थ्य सुरक्षा

यात्रा को मानवीय दृष्टिकोण से सुगम बनाने के लिए आयुक्त ने निम्नलिखित व्यवस्थाओं पर जोर दिया:

  • कंट्रोल रूम: आपदा नियंत्रण, स्वास्थ्य, पुलिस और पेयजल विभाग के कंट्रोल रूम 24 घंटे क्रियाशील रहेंगे।

  • हेली सेवा और परिवहन: हेलीकॉप्टर सेवाओं और परिवहन सुविधाओं की अग्रिम बुकिंग और प्रबंधन को पारदर्शी बनाया जाएगा।

  • स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक: होटल व्यवसायियों, जीएमवीएन और अन्य सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय कर ठहरने की सर्वोत्तम व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

4. प्रशासनिक मुस्तैदी: पूरी टीम एक साथ

बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप सहित पौड़ी, हरिद्वार, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली के जिलाधिकारियों ने हिस्सा लिया। आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों में चल रहे कार्यों की स्वयं निगरानी करें और बजट की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा।


निष्कर्ष: आस्था और व्यवस्था का नया अध्याय

चारधाम यात्रा-2026 के लिए मोबाइल बैन का फैसला एक साहसिक कदम है, जो भीड़ नियंत्रण और धार्मिक मर्यादा के लिहाज से गेम-चेंजर साबित हो सकता है। सरकार का ‘फास्ट ट्रैक’ मोड यह सुनिश्चित कर रहा है कि इस वर्ष श्रद्धालु केवल हिमालय की वादियों और भगवान के दर्शन की यादें लेकर लौटें, न कि अव्यवस्था की शिकायतें।