Monday, January 19, 2026
उत्तराखंड

#NDRFDay: “विभीषिका के बीच देश के रक्षक”—मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एनडीआरएफ के अदम्य साहस और सेवाभाव को किया सलाम

स्थापना दिवस पर सीएम ने दी बधाई; कहा— भीषण आपदाओं में एनडीआरएफ का समर्पण अतुलनीय, इन जांबाजों की तत्परता हर भारतीय के लिए गर्व का विषय।

संकट के साथी, मानवता के प्रहरी

देहरादून (19 जनवरी 2026): जब प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखाती है और चारों ओर चुनौतियां ही चुनौतियां होती हैं, तब ‘आपदा सेवा सदैव’ के मंत्र को आत्मसात कर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के जवान ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं। आज एनडीआरएफ के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बल के सभी अधिकारियों और जवानों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

1. अदम्य साहस और निस्वार्थ सेवा

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संदेश में एनडीआरएफ के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों और भीषण आपदाओं के दौरान ये जवान जिस प्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा करते हैं, वह मिसाल है।

“भीषण आपदाओं के समय एनडीआरएफ के जवान जिस साहस, समर्पण और सेवा भावना के साथ देशवासियों की रक्षा में जुटे रहते हैं, वह वास्तव में अतुलनीय है। उनकी मानवता के प्रति प्रतिबद्धता पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत है।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

2. उत्तराखंड के लिए ‘संकटमोचक’ की भूमिका

हिमालयी राज्य होने के नाते उत्तराखंड में भूस्खलन, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक चुनौतियों का सामना अक्सर करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि चाहे वह केदारनाथ त्रासदी के बाद के राहत कार्य हों या हाल के सिल्कयारा टनल रेस्क्यू जैसे जटिल ऑपरेशन, एनडीआरएफ ने हर मोर्चे पर अपनी विशेषज्ञता और तत्परता साबित की है।

3. तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदना का संगम

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ न केवल आधुनिक उपकरणों और तकनीकों से लैस है, बल्कि उनके भीतर की मानवीय संवेदना उन्हें विशेष बनाती है। आपदा के समय मलबे से लेकर गहरी खाइयों तक, हर स्थान पर उनकी पहुँच और नागरिकों के प्रति उनका विनम्र व्यवहार समाज में उनके प्रति अटूट विश्वास पैदा करता है।


निष्कर्ष: सुरक्षित भविष्य की मंगलकामना

मुख्यमंत्री ने अंत में एनडीआरएफ के सभी जवानों के उज्ज्वल भविष्य और उनके सुरक्षित सेवाकाल की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बल भविष्य में भी इसी प्रकार राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वोच्च योगदान देता रहेगा।