77वां गणतंत्र दिवस: “संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय स्वाभिमान का पर्व,” सीएम धामी ने दी प्रदेशवासियों को बधाई
अमर शहीदों के बलिदान को किया नमन; मुख्यमंत्री का आह्वान— ‘आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण में निभाएं अपनी भूमिका’
देहरादून: 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों और प्रवासी उत्तराखंडियों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने इस गौरवशाली दिवस को देश के लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की शक्ति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बताया।
अपने संदेश में सीएम धामी ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उस संकल्प को दोहराने का दिन है, जो हमारे संविधान निर्माताओं ने एक न्यायपूर्ण और समृद्ध समाज के लिए देखा था।
शहीदों के प्रति कृतज्ञता और नमन
मुख्यमंत्री ने उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके त्याग और बलिदान के बल पर भारत को आजादी मिली और हमारा गणतंत्र स्थापित हुआ। उन्होंने कहा:
“यह पावन दिवस हमें याद दिलाता है कि हमारे राष्ट्र की नींव अदम्य साहस और निस्वार्थ सेवा पर टिकी है। हमें अपने उन वीरों के सपनों का भारत बनाने के लिए निरंतर कार्य करना होगा।”
सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का विजन
संवैधानिक मूल्यों की महत्ता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने में अपना योगदान दें। उन्होंने ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी ही राज्य और राष्ट्र को प्रगति के पथ पर ले जा सकती है।
मुख्यमंत्री के संदेश की मुख्य बातें:
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गौरव का प्रतीक: गणतंत्र दिवस भारत के विश्व गुरु बनने की दिशा में बढ़ते कदमों का उत्सव है।
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संवैधानिक मर्यादा: संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूकता ही हमारी असली ताकत है।
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जन-भागीदारी: उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ काम करने की जरूरत।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि यह गणतंत्र दिवस सभी प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आएगा और राज्य के सर्वांगीण विकास में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

