Tuesday, February 17, 2026
पंजाब

बॉर्डर पर नकेल: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया; एंटी-ड्रोन सिस्टम और सैनिक स्कूल पर बनी बड़ी रणनीति

सीमा पार से नशा और हथियार तस्करी रोकने के लिए केंद्र-राज्य का ‘मास्टरप्लान’; चंडीगढ़ के युवाओं को मिलेगा ‘सैनिक स्कूल’ का तोहफा

नई दिल्ली/चंडीगढ़: पंजाब की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर रविवार को राजधानी दिल्ली में एक अहम बैठक संपन्न हुई। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा पंजाब बॉर्डर पर ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी को रोकना और चंडीगढ़ में शिक्षा के नए कीर्तिमान स्थापित करना रहा।

ड्रोन तस्करी पर कड़ा प्रहार: एंटी-ड्रोन प्रणाली होगी और मजबूत

बैठक के दौरान पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान की ओर से होने वाली ड्रोन घुसपैठ पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। राज्यपाल ने रक्षा मंत्री को अवगत कराया कि ड्रोन के माध्यम से हथियार और ड्रग्स (नशा) की खेप भेजना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।

  • रणनीति: सीमा पर एंटी-ड्रोन तकनीक (Anti-Drone System) को और अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने पर चर्चा हुई।

  • जमीनी फीडबैक: राज्यपाल ने हाल ही में (9 से 12 फरवरी तक) तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे सीमावर्ती जिलों का दौरा किया था, जिसका फीडबैक उन्होंने रक्षा मंत्री के साथ साझा किया।

चंडीगढ़ को मिलेगा ‘सैनिक स्कूल’: युवाओं के लिए नया सवेरा

राज्यपाल कटारिया ने चंडीगढ़ में एक सैनिक स्कूल स्थापित करने का प्रस्ताव रक्षा मंत्री के समक्ष रखा।

  • उद्देश्य: इस स्कूल के जरिए चंडीगढ़ और आसपास के युवाओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि उनमें अनुशासन और राष्ट्रसेवा का जज्बा भी पैदा किया जा सकेगा।

  • प्रगति: प्रशासनिक स्तर पर इस स्कूल की रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


सीमावर्ती इलाकों में ‘नशा मुक्त’ अभियान की गूँज

राज्यपाल ने रक्षा मंत्री को अपनी हालिया पदयात्रा के बारे में भी जानकारी दी, जो उन्होंने सीमावर्ती जिलों में नशामुक्ति के लिए निकाली थी। इस पदयात्रा में सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की भारी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब की जनता अब नशे के खिलाफ एकजुट है।

“सैनिक स्कूल की स्थापना युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने का एक बड़ा अवसर है, वहीं एंटी-ड्रोन प्रणाली हमारी सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए समय की मांग है।” — गुलाब चंद कटारिया, राज्यपाल, पंजाब