धामी कैबिनेट का महाफैसला: गौ-पालन योजना का विस्तार, श्रमिकों को दोगुना ओवरटाइम और गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार
पशुपालकों को अब भैंस पर भी मिलेगी 90% तक सब्सिडी; हल्द्वानी में हाईकोर्ट परिसर के लिए 40 हेक्टेयर भूमि मंजूर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, ग्रामीण आजीविका और सामाजिक न्याय को नई दिशा देने वाले कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई। महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस वार्ता में बताया कि कैबिनेट ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खेल, शिक्षा, न्याय व्यवस्था और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूती देने वाले दूरगामी प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
1. गौ-पालन योजना में बड़ा बदलाव: भैंस खरीदने पर भी सब्सिडी
ग्रामीण आय बढ़ाने और पलायन रोकने के उद्देश्य से राज्य की गौ-पालन योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है:
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सब्सिडी दरें: अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) के पशुपालकों को 90% और सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 60% अनुदान मिलेगा।
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यूनिट लागत में बढ़ोतरी: पशु की यूनिट लागत 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है।
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नया विकल्प: अब योजना में गाय के साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी शामिल किया गया है, जिससे पहले ही वर्ष 2,128 से अधिक पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।
2. श्रमिकों के हक में ‘उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली-2026’ लागू
लाखों श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए श्रम कानूनों में क्रांतिकारी सुधार किए गए हैं:
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वेतन की गारंटी: प्रत्येक माह की 7 तारीख तक वेतन का भुगतान अनिवार्य होगा।
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दोगुना ओवरटाइम: निर्धारित काम के घंटों से अधिक काम कराने पर दोगुना पारिश्रमिक दिया जाएगा।
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समान वेतन नियम: समान कार्य के लिए महिला और पुरुष दोनों को समान मानदेय देने और पारदर्शी डिजिटल भुगतान का कड़ा प्रावधान किया गया है।
3. कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर: गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच धार्मिक पर्यटन और व्यापार को नई रफ्तार देने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) को मेरठ से बढ़ाकर हरिद्वार तक विस्तारित किया जाएगा। इसके लिए दोनों राज्यों के बीच जल्द ही एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर होंगे।
इसके अलावा, हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में लगभग 40 हेक्टेयर भूमि हाईकोर्ट परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई है।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले एक नज़र में:
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क्रीड़ा विश्वविद्यालय (हल्द्वानी): उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन हेतु 122 नियमित पदों के सृजन और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को मंजूरी।
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SC/ST छात्रावास नियमावली: मेधावी छात्रों को बेहतर आवास, भोजन और अध्ययन का माहौल देने के लिए नई गाइडलाइंस लागू।
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ईको-टूरिज्म विकास: वन विभाग के अधिकारियों की भागीदारी बढ़ाकर पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन और कचरा नियंत्रण को मजबूत करने का फैसला।
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जीएसटी अधिनियम में संशोधन: केंद्र के अनुरूप ‘उत्तराखण्ड माल एवं सेवा कर (GST) अधिनियम’ में संशोधन अध्यादेश लाने की स्वीकृति।
क्यों दूरगामी हैं ये निर्णय?
धामी सरकार का यह कैबिनेट फैसला राज्य के विकास के संतुलन को साधता है। एक तरफ जहां गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार और हाईकोर्ट भूमि आवंटन से इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, वहीं दूसरी ओर पशुपालकों और श्रमिकों के लिए किए गए वित्तीय प्रावधान गांव और गरीब के आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

