Thursday, August 13, 2026
उत्तराखंड

मिलावटी और नकली पनीर पर धामी सरकार का स्ट्राइक: ऋषिकेश से टिहरी तक होटलों व रिसॉर्ट्स में हड़कंप, 13 सैंपल लैब भेजे

स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय की सख्त चेतावनी— ‘जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले बख्शे नहीं जाएँगे’; रसोई से लेकर बिलों तक की हुई गहन जाँच

देहरादून/ऋषिकेश। उत्तराखंड में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले और मिलावटी खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वालों के खिलाफ धामी सरकार ने अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर स्वास्थ्य सचिव व खाद्य संरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय के आदेश पर विभागीय टीमों ने ऋषिकेश, मुनि की रेती और तपोवन (टिहरी) क्षेत्र के नामचीन होटलों, रिसॉर्ट्स और रेस्टोरेंट्स में छापेमारी की।

विशेष रूप से एनालॉग (नकली/सिंथेटिक) पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों के अवैध इस्तेमाल को रोकने के लिए चलाए गए इस अभियान से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया।

ऋषिकेश व टिहरी के बड़े होटलों पर गिरी गाज

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के अनुसार, गढ़वाल मंडल उपायुक्त राजेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में देहरादून और टिहरी की खाद्य सुरक्षा टीमों ने ताबड़तोड़ चेकिंग की:

  • ऋषिकेश (वीरभद्र रोड): मोदी रिट्रीट, गंगा किनारे, होली वाटर और सेवन सीज जैसे प्रमुख होटलों के किचन व स्टोर खंगाले गए। यहाँ से दूध, अरहर दाल और साबुत जीरा के 3 नमूने लिए गए। कमियाँ मिलने पर 2 होटल संचालकों को सुधार नोटिस जारी किया गया।

  • टिहरी (मुनि की रेती व तपोवन): लेमन ट्री, डिवाइन रिजॉर्ट और स्टर्लिंग पाम ब्लिस सहित कई प्रतिष्ठानों की जाँच की गई। टीम के पहुँचते ही कई छोटे दुकानदारों ने डर के मारे दुकानें बंद कर दीं। यहाँ से बेकरी उत्पाद, पकी सब्जी, ग्रेवी, चावल, स्प्रिंग रोल, चिप्स और भुना चना समेत कुल 10 नमूने लैब भेजे गए।

रसोई में FIFO और FEFO व्यवस्था लागू करने के निर्देश

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने होटलों को रसोई प्रबंधन और स्वच्छता के कड़े निर्देश दिए:

  1. FIFO (First-In, First-Out) व FEFO (First-Expired, First-Out): पहले आए और पहले एक्सपायर होने वाले खाद्य माल का पहले उपयोग सुनिश्चित करने की व्यवस्था।

  2. सख्त दस्तावेज जाँच: दूध व पनीर की खरीद के बिल, उनके वास्तविक स्रोत (Source), लेबलिंग, पैकेजिंग, बैच नंबर और निर्माण तिथि की जाँच की गई।

  3. वॉटर टेस्ट व मेडिकल रिपोर्ट: भोजन बनाने में प्रयुक्त पानी की लैब रिपोर्ट और रसोई कर्मचारियों (Staff) की मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट भी जाँची गई।

स्वास्थ्य सचिव का कड़ा संदेश

सचिव स्वास्थ्य एवं आयुक्त खाद्य संरक्षा विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के नागरिकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लैब रिपोर्ट आने के बाद मानकों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जनस्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

चारधाम यात्रा और पर्यटन के मुख्य केंद्र ऋषिकेश व टिहरी में नकली पनीर और मिलावटी खाद्य पदार्थों पर यह कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों के स्वास्थ्य की रक्षा के साथ-साथ यह कार्रवाई ईमानदार खाद्य कारोबारियों के हितों का भी संरक्षण करेगी।