Monday, August 17, 2026
उत्तराखंडदेहरादून

नीति घाटी हादसे में लापता BRO हवलदार पंकज की तलाश तेज: परिजनों की गुहार पर CM धामी ने लिया संज्ञान, फोन पर दिया हर संभव मदद का भरोसा

चमोली के तमक नाले में बहे पिथौरागढ़ निवासी हवलदार पंकज की खोज में जुटीं सेना, ITBP, NDRF और SDRF की संयुक्त टीमें; मुख्यमंत्री बोले– “संकट की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है सरकार”

देहरादून। चमोली जिले की सीमांत नीति घाटी में भारी बारिश के कारण उफान पर आए तमक नाले में बहे BRO (सीमा सड़क संगठन) के हवलदार पंकज की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर परिजनों द्वारा लगाई गई मदद की गुहार का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतः संज्ञान लेते हुए शासन-प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को खोज एवं बचाव अभियान (Search and Rescue Operation) में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने खुद पिथौरागढ़ निवासी हवलदार पंकज के परिजनों से दूरभाष (फोन) पर बात कर उनका हाल जाना और उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस मुश्किल वक्त में पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है।

तलाश में जुटीं मल्टी-एजेंसी टीमें, CM कार्यालय रख रहा है पल-पल की नजर

चमोली के दुर्गम इलाके में लापता हवलदार पंकज को ढूंढने के लिए बड़े पैमाने पर संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।

  • रेस्क्यू में शामिल बल: भारतीय सेना (Indian Army), BRO, ITBP, उत्तराखंड पुलिस, जिला प्रशासन, NDRF और SDRF की टीमें लगातार तमक नाले और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं।

  • प्रशासनिक तालमेल: पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी ने भी हवलदार पंकज के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें स्थानीय प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO Uttarakhand) लगातार परिजनों के संपर्क में है और रेस्क्यू अभियान की प्रगति की निगरानी कर रहा है।

“हर संभव प्रयास कर रही है सरकार” – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

परिजनों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “हवलदार पंकज की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार और तमाम एजेंसियां हर संभव प्रयास कर रही हैं। यह हमारे एक जांबाज जवान का विषय है और इस संकट की घड़ी में सरकार परिवार की हर आवश्यक सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

सोशल मीडिया की ताकत और संवेदनशील शासन

सीमांत क्षेत्रों में देश की सेवा में तैनात जवानों के प्रति जनता और सरकार की यह संवेदनशीलता बेहद महत्वपूर्ण है। परिजनों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए दर्द पर मुख्यमंत्री का त्वरित संज्ञान और व्यक्तिगत रूप से ढांढस बंधाना न केवल एक संवेदनशील नेतृत्व को दर्शाता है, बल्कि विषम परिस्थितियों में तैनात जवानों के परिवारों के मनोबल को भी मजबूत करता है।