केदारनाथ यात्रा 2026: बाबा केदार के भक्तों के लिए सरकार अलर्ट, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर पैनी नजर
प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश; स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने और पशु कल्याण का विशेष ध्यान रखने के आदेश।
देहरादून। केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार लगातार मुस्तैद है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने रुद्रप्रयाग जिले में चल रही केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं की वर्चुअल (Online) विस्तृत समीक्षा की।
इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य धाम पहुंच रहे देश-विदेश के श्रद्धालुओं को सुगम सुविधाएं प्रदान करना और यात्रा मार्ग पर सामने आ रही चुनौतियों का त्वरित समाधान खोजना था।
यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं सामान्य, बिजली-पानी आपूर्ति दुरुस्त
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग ने प्रभारी सचिव को अवगत कराया कि वर्तमान में केदारनाथ यात्रा सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है।
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मूलभूत सुविधाएं: यात्रा मार्ग और सभी मुख्य पड़ावों पर पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
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त्वरित समाधान: अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं से जुड़ी किसी भी छोटी से छोटी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
प्रभारी सचिव का संदेश: “देश-विदेश से आ रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस: विशेषज्ञ डॉक्टरों की होगी तैनाती
उच्च हिमालयी क्षेत्र होने के कारण श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की देखभाल करना सबसे बड़ी चुनौती रहता है।
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डॉक्टरों की मांग: समीक्षा में जिलाधिकारी ने बताया कि मार्ग पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों (Specialist Doctors) की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
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आपातकालीन तैयारी: प्रभारी सचिव ने आश्वस्त किया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को जल्द दूर किया जाएगा ताकि किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
पशु कल्याण: घोड़ा-खच्चरों के स्वास्थ्य पर भी सीधी नजर
केदारनाथ पैदल मार्ग पर चलने वाले घोड़ा-खच्चरों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए शासन ने कड़े निर्देश दिए हैं:
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मानवीय व्यवहार: पशुओं के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता न हो और निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
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नियमित हेल्थ चेकअप: पशु चिकित्सा टीमों को मार्ग पर नियमित जांच करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज देने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय समन्वय से बनेगी बात
डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग आपस में बेहतर तालमेल (Coordination) बनाकर काम करें। केदारनाथ यात्रा राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है, इसलिए सभी अधिकारी सक्रियता से अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

