Wednesday, August 19, 2026
उत्तराखंड

उत्तराखंड में अब फाइलों में नहीं अटकेंगे जनता के काम: हर महीने के पहले मंगलवार को होगी ‘समन्वय बैठक’, जिलों के मुद्दों का मौके पर होगा निस्तारण

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का बड़ा फैसला; वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे शासन और जिलों के अफसर, विभागों में खींचतान खत्म कर तुरंत लिए जाएंगे फैसले

देहरादून। उत्तराखंड के जिलों में शासन स्तर पर लंबित पड़ी फाइलों और अंतर-विभागीय पेच के कारण अटकने वाली जनसमस्याओं के तेजी से समाधान के लिए राज्य सरकार ने एक नई और प्रभावी व्यवस्था लागू की है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब हर महीने के पहले मंगलवार को शासन और जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक विशेष ‘समन्वय बैठक’ (Coordination Meeting) आयोजित की जाएगी।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक लालफीताशाही और अनावश्यक देरी को समाप्त कर आम जनता से जुड़े मुद्दों का त्वरित व समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सीधे जुड़ेंगे जिलाधिकारी और सचिव

नई व्यवस्था के तहत, यह समन्वय बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से आयोजित होगी:

  • सीधा संवाद: जिलाधिकारी (DM) अपने-अपने जिलों से जुड़े ऐसे जटिल मामलों को सीधे शासन के समक्ष रखेंगे, जिनमें एक से अधिक विभागों के बीच तालमेल या शासन स्तर से मंजूरी की आवश्यकता होती है।

  • समय की बचत: जिलों के अधिकारियों को छोटी-छोटी मंजूरियों के लिए बार-बार राजधानी देहरादून के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

होमवर्क के साथ बैठक में आएंगे अफसर: मौके पर ही होगा फैसला

बैठक को केवल औपचारिकता बनने से रोकने के लिए मुख्य सचिव ने सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं:

  1. पूर्व सूचना प्रणाली: बैठक से पहले ही जिलों द्वारा चिह्नित समस्याओं और लंबित मामलों का ब्योरा संबंधित विभागों को भेज दिया जाएगा।

  2. तथ्यों के साथ उपस्थिति: शासन के अधिकारी सभी जरूरी दस्तावेज, नियमों और अद्यतन रिपोर्ट के साथ बैठक में शामिल होंगे।

  3. ऑन-द-स्पॉट निस्तारण: जिन मामलों में तत्काल निर्णय संभव होगा, उनका निस्तारण बैठक के दौरान ही कर दिया जाएगा।

मुख्य सचिव का स्पष्ट संदेश:

“शासन और जिलों के बीच समन्वय की कमी से आमजन के काम नहीं रुकने चाहिए। सभी सचिव जिलों से आने वाले प्रस्तावों और जनसमस्याओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करें और किसी भी स्तर पर अकारण देरी न होने दें।”

बैठक में वरिष्ठ नौकरशाह रहे मौजूद

इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, ज्योति यादव, रणवीर सिंह चौहान, धीराज सिंह गर्ब्याल और राजेंद्र कुमार सहित शासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

आम जनता को राहत देने वाला कदम

अक्सर देखा जाता है कि जिलों से भेजे गए विकास कार्यों और जनसमस्याओं के प्रस्ताव शासन के विभिन्न विभागों के बीच घूमते रहते हैं। मुख्य सचिव की इस नई पहल से न केवल विभागों के बीच आपसी तालमेल मजबूत होगा, बल्कि आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।