‘मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण हमारी पहली प्राथमिकता’: रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा ऐलान’मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण हमारी पहली प्राथमिकता’: रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा ऐलान
देहरादून में महिलाओं के साथ मनाया रक्षाबंधन का पर्व; 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में महिलाएं करेंगी मुफ्त यात्रा
देहरादून। पवित्र पर्व रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की मातृशक्ति (महिलाओं एवं बहनों) के सम्मान, सुरक्षा और सर्वांगीण सशक्तिकरण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है। देहरादून में आयोजित दो अलग-अलग कार्यक्रमों—जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म और हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम—में मुख्यमंत्री ने हजारों की संख्या में पहुंची बहनों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया।
इस दौरान बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने बहनों के स्नेह और आशीर्वाद के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया और उन्हें रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई दी।
मातृशक्ति के लिए बड़ी सौगात: 28 और 29 अगस्त को बस यात्रा बिल्कुल मुफ्त
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री धामी ने बहनों को विशेष उपहार देते हुए बड़ी घोषणा की:
-
निःशुल्क बस यात्रा: रक्षाबंधन के अवसर पर 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड परिवहन निगम (Roadways) की सभी बसों में महिलाओं के लिए यात्रा पूरी तरह से निःशुल्क रहेगी।
-
आवागमन में सुगमता: इस सुविधा से प्रदेश की महिलाएं बिना किसी आर्थिक बोझ के अपने मायके और परिजनों के पास रक्षासूत्र बांधने सुगमता से आ-जा सकेंगी।
5 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं, 3 लाख बनीं ‘लखपति दीदी’
महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के मोर्चे पर अपनी सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की महिलाएं आज हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं:
-
आजीविका और स्वावलंबन: प्रदेश में लगभग 5 लाख महिलाएं 70,000 से अधिक स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़कर अपनी आजीविका चला रही हैं। साथ ही 7,000 से अधिक ग्राम संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठन महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं।
-
लखपति दीदी अभियान: राज्य में 3 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो चुकी हैं।
-
संवैधानिक अधिकार और सुरक्षा: महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण लागू किया गया है। इसके अलावा समान नागरिक संहिता (UCC) से महिलाओं को समान अधिकार मिले हैं।
“मुख्यमंत्री नहीं, एक भाई के रूप में आपके बीच आया हूं”
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भावुक नजर आए और उन्होंने कहा कि राज्य की किसी भी बहन या बेटी को अगर कोई समस्या हो, तो वह बेझिझक अपनी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती है।
“रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, समर्पण और नारी सम्मान का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य एक ऐसा उत्तराखंड बनाना है जहां बेटियां सुरक्षित हों, बहनें आत्मनिर्भर हों, माताएं सम्मान से जिएं और युवा अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त रहें।”
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)
इस अवसर पर चौधरी फार्म में आयोजक जोगिंदर सिंह पुंडीर, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला उपस्थित रहे। वहीं सर्वे स्टेडियम के कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

