Monday, August 24, 2026
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‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ देश की जरूरत, बार-बार चुनाव विकास में बाधक: हरिद्वार संत समागम में गरजे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

अवधूत मंडल आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री धामी; संत समाज से राष्ट्रीय जनजागरण अभियान चलाने की अपील

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार स्थित प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में आयोजित भव्य संत समागम में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ (One Nation, One Election) के मुद्दे पर राष्ट्रीय विमर्श गूंजा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे राष्ट्रहित में समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों से देश की विकास दर प्रभावित होती है और पूरी प्रशासनिक मशीनरी लंबे समय तक चुनावी तैयारियों में उलझी रहती है।

समारोह में उपस्थित उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुस्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री के विचारों का पुरजोर समर्थन करते हुए राज्य सरकार की ओर से इस ऐतिहासिक पहल पर अपनी सहमति जताई।

“देश पहले, राजनीतिक दल बाद में”—शिवराज सिंह चौहान

संत समागम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ का संकल्प किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि देश के भविष्य को संवारने के लिए है।

  • प्रशासनिक ऊर्जा और संसाधनों की बचत: देश में लगातार होने वाले चुनावों के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों की चुनाव ड्यूटी लगती है, जिससे जनकल्याणकारी योजनाएं, निर्माण कार्य और स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होती है।

  • विकास पर केंद्रित होगी सरकार: यदि लोकसभा और सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ आयोजित कराए जाएं, तो समय और धन की भारी बचत होगी, जिससे सरकारें पूरे पांच साल बिना रुकावट के विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।

संत समाज से राष्ट्र निर्माण और जनजागरण का आह्वान

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संत समाज का भारतीय संस्कृति और आम जनमानस पर गहरा प्रभाव है। उन्होंने संतों से अपील की कि वे अपने प्रवचनों और सामाजिक संवाद के माध्यम से ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के प्रति जनता को जागरूक करें।

  1. दलगत राजनीति से ऊपर उठने की जरूरत: उन्होंने कहा कि यह किसी एक पार्टी का मुद्दा नहीं है। सभी राजनीतिक दलों और देशवासियों को राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।

  2. राष्ट्रीय एकता का प्रतीक ‘वंदे मातरम’: शिवराज सिंह चौहान ने ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय अखंडता का आधार बताते हुए संतों से समाज में देशभक्ति और सामाजिक समरसता की भावना को निरंतर मजबूत करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया पूर्ण समर्थन

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार और देवभूमि की जनता ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ की अवधारणा के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि देश के प्रशासनिक सुधारों और तीव्र आर्थिक प्रगति के लिए चुनावी प्रक्रिया में यह बदलाव बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान संत समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भी देश की एकता, अखंडता और आत्मनिर्भरता के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय अभियानों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।