‘सशक्त बहना उत्सव’ को मिलेगा 15 दिन का भव्य स्वरूप, स्थानीय उत्पादों को मिलेगी ग्लोबल पहचान: CM धामी
स्वयं सहायता समूहों के लिए ‘सशक्त बहना बाजार’ की होगी स्थापना; लखपति दीदियों के उत्पादों की रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट्स तक होगी पहुंच
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के तहत उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भव्य शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने महिला उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए स्थानीय उत्पादों व हस्तनिर्मित राखियों का अवलोकन किया और राज्य के सभी 13 जिलों की बहनों से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अगले वर्ष से ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव’ को 15 दिवसीय (पखवाड़े) मेले के रूप में आयोजित किया जाएगा। इससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को त्योहारों के सीजन में अपने उत्पादों की बिक्री के लिए अधिक समय और विशाल बाजार मिल सकेगा।
सशक्त बहना उत्सव: 3 वर्षों की उपलब्धियां और भावी योजनाएं
वर्ष 2023 में शुरू हुई इस योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री ने योजना के आंकड़े साझा करते हुए बताया:
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12.50 करोड़ का कारोबार: बीते तीन वर्षों में प्रदेश के 95 विकासखंडों में 4,480 स्टॉल लगाए गए, जिनसे महिला समूहों ने लगभग ₹12.50 करोड़ की बिक्री दर्ज की।
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विशाल नेटवर्क: वर्तमान में राज्य में 70,000 से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 5.20 लाख से अधिक ग्रामीण परिवार जुड़े हुए हैं।
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3 लाख से अधिक ‘लखपति दीदी’: सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहयोग के बल पर प्रदेश में 3 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।
‘सशक्त बहना बाजार’ से स्थानीय उत्पाद बनेंगे ‘लोकल टू ग्लोबल’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का अगला कदम इस पहल को ‘सशक्त बहना बाजार’ के रूप में विस्तार देना है:
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पहुंच का दायरा: महिला समूहों के उत्पादों को अब पर्यटन स्थलों, धार्मिक यात्रा मार्गों, रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट्स, और प्रमुख होटल-रिसॉर्ट्स तक पहुंचाया जाएगा।
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ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स: राज्य के प्रीमियम ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के जरिए स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा रही है। समूहों को डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स पैकेजिंग, और ऑनलाइन डिजिटल पेमेंट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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विपणन ढांचा: वर्तमान में राज्य में 49 ग्रोथ सेंटर, 17 सरस सेंटर, 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट, और चारधाम यात्रा मार्गों पर 110 बिक्री केंद्र सफलता पूर्वक संचालित हो रहे हैं।
“मातृशक्ति प्रदेश की आर्थिक विकास दर की रीढ़”—सीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने सचिवालय के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से स्टॉलों से खरीदारी कर मातृशक्ति को प्रोत्साहित करने की अपील की।
“उत्तराखंड की महिलाएं अब केवल खेती और पशुपालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने हुनर और उद्यमशीलता से सफल उद्यमी बनकर उभर रही हैं। उनका सम्मान और स्वावलंबन ही हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव झरना कमठान, अनुराधा पाल, सीडीओ देहरादून अभिनव शाह सहित शासन और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

