उत्तराखंड में ‘प्रशासनिक सर्जरी’: धामी सरकार का बड़ा फेरबदल, 18 IAS और 11 PCS अफसर बदले; आवास और स्वास्थ्य में नई कमान
सुशासन की ओर एक और कदम: सचिवालय से लेकर विभागों तक बदली गई जिम्मेदारी; डॉ. आर. राजेश कुमार को आवास और सचिन कुर्वे को स्वास्थ्य का अहम जिम्मा।
विकास और दक्षता के लिए नई बिसात
देहरादून (17 जनवरी 2026): उत्तराखंड सरकार ने सुशासन (Good Governance) के अपने संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए शासन और फील्ड स्तर पर एक बड़ा प्रशासनिक ओवरहॉल किया है। शनिवार को जारी नई तबादला सूची में कई वरिष्ठ अधिकारियों के कद और दायित्वों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना और आगामी कुंभ जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों की तैयारियों को नई रफ्तार देना है।
1. शासन के शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव
सचिवालय के भीतर शक्ति संतुलन और कार्यक्षमता को देखते हुए कई कद्दावर सचिवों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं:
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डॉ. आर. राजेश कुमार (IAS): स्वास्थ्य विभाग में सफल पारी के बाद अब उन्हें आवास विभाग जैसा महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण जिम्मा सौंपा गया है।
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सचिन कुर्वे (IAS): इन्हें प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग का नया मुखिया बनाया गया है। राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को पर्वतीय क्षेत्रों तक सुदृढ़ करना इनकी प्राथमिकता होगी।
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आर. मीनाक्षी सुंदरम (IAS): प्रमुख सचिव स्तर के इस वरिष्ठ अधिकारी से आवास विभाग की जिम्मेदारी वापस ली गई है।
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शैलेश बगौली (IAS): मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले सचिव शैलेश बगौली के पास से पेयजल विभाग का प्रभार हटाया गया है।
2. विभागों को मिले नए ‘कैप्टन’
प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए कई अन्य विभागों में भी अनुभवी चेहरों को तैनात किया गया है:
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अहमद इकबाल: सहकारिता विभाग के नए प्रभार के साथ ग्रामीण आर्थिकी को गति देंगे।
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रंजना राजगुरु: आयुष विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगी।
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रणवीर सिंह चौहान: अब ‘सचिवालय प्रशासन’ की कमान संभालेंगे, जिससे शासन के भीतर की व्यवस्थाएं और पारदर्शी होंगी।
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आनंद स्वरूप: इन्हें खाद्य विभाग का नया मुखिया बनाया गया है।
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देव कृष्ण तिवारी: नियोजन सचिव के रूप में राज्य की भावी योजनाओं का खाका तैयार करेंगे।
अधिकारी का नाम |
वर्तमान/पूर्व दायित्व |
नया प्रभार/विभाग |
| आर. मीनाक्षी सुंदरम | प्रमुख सचिव (आवास सहित) | आवास विभाग की जिम्मेदारी से मुक्त |
| शैलेश बगौली | सचिव (पेयजल सहित) | पेयजल विभाग का प्रभार हटाया गया |
| डॉ. आर. राजेश कुमार | सचिव, स्वास्थ्य | सचिव, आवास (महत्वपूर्ण प्रभार) |
| सचिन कुर्वे | सचिव (पर्यटन/संस्कृति) | सचिव, स्वास्थ्य (नया दायित्व) |
| बीवीआरसी पुरुषोत्तम | सचिव (सहकारिता सहित) | सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी से मुक्त |
| अहमद इकबाल | – | सचिव, सहकारिता |
| रणवीर सिंह चौहान | आयुक्त, खाद्य | सचिव, सचिवालय प्रशासन |
| रंजना राजगुरु | – | सचिव, आयुष |
| आनंद स्वरूप | – | अपर सचिव/आयुक्त, खाद्य विभाग |
| देव कृष्ण तिवारी | – | सचिव, नियोजन (Planning) |
| मनमोहन मनाली | वित्त सेवा | निदेशक, ऑडिट (Auditor General) |
3. क्यों जरूरी था यह फेरबदल?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह तबादले केवल नियमित प्रक्रिया नहीं हैं। इसके पीछे तीन मुख्य रणनीतिक कारण हैं:
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निर्णय प्रक्रिया में तेजी: महत्वपूर्ण विभागों में नई ऊर्जा वाले अधिकारियों को लाकर ‘पेंडेंसी’ खत्म करना।
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आगामी आयोजन: कुंभ और अन्य अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए अनुभवी अधिकारियों की टीम तैयार करना।
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पारदर्शिता: लंबे समय से एक ही पद पर जमे अधिकारियों को बदलकर प्रशासनिक जड़ता को तोड़ना।
निष्कर्ष: जनता की उम्मीदों पर फोकस
इस फेरबदल से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उनकी सरकार के लिए ‘परफॉर्मेंस’ ही सर्वोपरि है। आवास, स्वास्थ्य, खाद्य और नियोजन जैसे विभाग सीधे तौर पर आम जनता के जीवन को प्रभावित करते हैं। अब यह देखना होगा कि नई जिम्मेदारियों के साथ ये अधिकारी सरकार की “विकल्प रहित संकल्प” की नीति को कितनी प्रभावी ढंग से लागू कर पाते हैं।

