#Amritsar: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन से GNDU में ‘गोल्डन’ चमक; 463 मेधावियों के सपनों को मिलेंगी सफलता की उड़ान
गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के 50वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति देंगी पदक और डिग्रियां। गवर्नर गुलाब चंद कटारिया और CM भगवंत मान की मौजूदगी में अमृतसर छावनी में तब्दील; सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम।
अमृतसर: अमृतसर की प्रतिष्ठित गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) आज अपने गौरवशाली 50 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रही है। इस ‘गोल्डन जुबली’ दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हैं। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन, बल्कि पूरे अमृतसर में उत्साह और कड़ी सुरक्षा का माहौल है।
1. डिग्रियों की ‘हैट्रिक’ और शोध की गूँज
इस ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह में कुल 463 विद्यार्थियों को उनकी कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। राष्ट्रपति स्वयं अपने हाथों से इन मेधावियों को पदक और डिग्रियां प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाएंगी।
समारोह का विवरण:
-
PhD गौरव: सर्वाधिक 270 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी जाएगी, जो विश्वविद्यालय के उच्च शैक्षणिक स्तर को दर्शाता है।
-
स्नातक व स्नातकोत्तर: 74 अंडरग्रेजुएट और 102 पोस्टग्रेजुएट छात्र सम्मानित होंगे।
-
स्मृति पदक: 7 विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित मेमोरियल मेडल दिए जाएंगे।
-
मानद उपाधि: विश्वविद्यालय इस अवसर पर दो जानी-मानी हस्तियों को ‘ऑनरेरी डॉक्टरेट’ (मानद उपाधि) से नवाजेगा।
2. अभेद्य सुरक्षा: आसमान से ज़मीन तक पहरा
राष्ट्रपति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ADGP स्तर के अधिकारी एसएस परमार के नेतृत्व में सुरक्षा ग्रिड तैयार किया गया है।
-
कड़ी रिहर्सल: पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर और डीसी दलविंदरजीत सिंह की निगरानी में रूट प्लान की बारीकी से जांच की गई है।
-
पहचान अनिवार्य: प्रत्येक छात्र और प्रतिभागी को विशेष टैग और बायोमैट्रिक पास जारी किए गए हैं। कन्वेंशन हॉल और आसपास के इलाकों को बैरिकेडिंग के साथ पूरी तरह सील कर दिया गया है।
3. वीवीआईपी की मौजूदगी और प्रशासनिक सतर्कता
समारोह में राष्ट्रपति के साथ पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान भी शामिल होंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री आज अमृतसर में अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे, जिसके कारण जिला प्रशासन और पुलिस दोहरी जिम्मेदारी के साथ सतर्कता बरत रही है।
निष्कर्ष: विद्यार्थियों के लिए जीवन का सबसे बड़ा दिन
किसी भी विद्यार्थी के लिए देश की प्रथम नागरिक के हाथों डिग्री प्राप्त करना गौरव का विषय होता है। GNDU के कुलपति प्रो. डॉ. करमजीत सिंह ने कहा कि यह समारोह केवल डिग्री बांटने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उन 463 युवाओं के संकल्प की जीत है जो अब देश और दुनिया में पंजाब का नाम रोशन करेंगे।

