अंकिता के बिलखते माता-पिता और CM धामी का भावुक संवाद; “आपकी भावना ही हमारा मार्ग, न्याय होकर रहेगा”
#JusticeForAnkita: सीएम आवास पर हुई भावुक मुलाकात: “वीआईपी” के चेहरे से नकाब हटाने के लिए माता-पिता ने की सीबीआई (CBI) जांच की मांग। मुख्यमंत्री धामी ने दिया अटूट भरोसा— “सरकार हर क्षण आपके साथ, आपकी संतुष्टि ही हमारी प्राथमिकता।”
देहरादून: उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उपजा जनाक्रोश और न्याय की मांग अब एक निर्णायक मोड़ पर है। बुधवार देर शाम मुख्यमंत्री आवास पर एक हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जब अंकिता के माता-पिता, वीरेंद्र भंडारी और सोनी देवी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान माहौल इतना भावुक था कि मुख्यमंत्री स्वयं भी काफी गंभीर नजर आए।
“वीआईपी” का रहस्य और सीबीआई की मांग
मुलाकात के दौरान अंकिता के माता-पिता ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए मुख्यमंत्री से स्पष्ट कहा कि इस पूरे मामले में बार-बार एक “वीआईपी” की भूमिका की बात सामने आ रही है। उन्होंने आशंका जताई कि जब तक इस वीआईपी की परतें नहीं खुलतीं, न्याय अधूरा रहेगा।
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सीबीआई जांच की पैरवी: माता-पिता ने मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपने की जोरदार मांग की, ताकि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता होने पर उसे बख्शा न जा सके।
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चार सूत्रीय मांगें: परिवार ने सीबीआई जांच के साथ ही तीन अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी मुख्यमंत्री का सहयोग मांगा, जो अंकिता के सम्मान और न्याय की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने से जुड़े हैं।
मुख्यमंत्री धामी का आश्वासन: “आपकी भावना, हमारा संकल्प”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीड़िता के माता-पिता की बातों को बेहद धैर्य और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि अंकिता को न्याय दिलाना केवल उनकी सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक अभिभावक के रूप में उनका नैतिक धर्म भी है।
“अंकिता हमारी बेटी है और उसकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। हमारी सरकार हर कदम पर पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। आप जैसी कार्रवाई की इच्छा रखते हैं, सरकार वैसी ही दिशा में आगे बढ़ेगी। न्याय सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
सड़क से सोशल मीडिया तक न्याय की गूँज
अंकिता हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है। जहाँ एक ओर विपक्ष इसे मुद्दा बना रहा है, वहीं दूसरी ओर आम जनता सोशल मीडिया के माध्यम से “जस्टिस फॉर अंकिता” की मांग कर रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का परिवार से मिलना और उनकी भावनाओं के अनुरूप कार्रवाई का आश्वासन देना, शासन के प्रति जनता के विश्वास को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने पहले ही परिवार की भावनाओं के सम्मान में आगे की कार्रवाई का मन बना लिया है और अब बहुत जल्द इस दिशा में ठोस निर्णय लिए जाएंगे।

