Monday, January 26, 2026
उत्तराखंड

लोकतंत्र का संकल्प: सीएम आवास पर मुख्यमंत्री धामी ने फहराया तिरंगा, प्रदेशवासियों को दिलाई ‘संविधान की शपथ’

स्वतंत्रता सेनानियों को दी श्रद्धांजलि; मुख्यमंत्री ने कहा— न्याय, समानता और बंधुत्व ही राष्ट्र निर्माण की असली शक्ति

देहरादून: 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित अपने शासकीय आवास परिसर में आन-बान-शान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया। देशभक्ति के गीतों और उल्लासपूर्ण वातावरण के बीच मुख्यमंत्री ने तिरंगे को सलामी दी और राज्य की खुशहाली व प्रगति की कामना की।

संविधान की उद्देशिका की गूंज

ध्वजारोहण के उपरांत एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित शासन के अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को संविधान की उद्देशिका (Preamble) की शपथ दिलाई। सीएम धामी ने कहा कि हमारा संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि सवा सौ करोड़ भारतीयों की आशाओं और आकांक्षाओं का आधार स्तंभ है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि संविधान में निहित मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में उतारें।

वीर बलिदानियों को किया याद

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और दूरदर्शी संविधान निर्माताओं को भावपूर्ण नमन किया। उन्होंने कहा:

“आज हम जिस सशक्त लोकतांत्रिक गणराज्य में जी रहे हैं, वह हमारे महापुरुषों के कठिन संघर्ष और बलिदान का प्रतिफल है। हमें उनके आदर्शों को अपनी भावी पीढ़ी तक पहुँचाना है और एक ‘श्रेष्ठ उत्तराखंड’ के निर्माण के संकल्प को सिद्ध करना है।”

राष्ट्र निर्माण के लिए ‘सक्रिय सहभागिता’ का आह्वान

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के संवैधानिक संकल्पों को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होगा, तभी भारत एक विकसित राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।


कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:

  • गरिमामय आयोजन: शासकीय आवास पर सादगी और सम्मान के साथ मनाया गया राष्ट्रीय पर्व।

  • सामूहिक शपथ: अधिकारियों और कर्मचारियों ने ली निष्ठापूर्वक कार्य करने की शपथ।

  • मुख्य संदेश: “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ विकास कार्यों को गति देना।