Monday, January 26, 2026
उत्तराखंड

राष्ट्र निर्माण का संकल्प: ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में डॉ. राखी घनशाला ने फहराया तिरंगा, प्रतिभाओं को मिले नकद पुरस्कार

देहरादून | गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी (GEHU) का परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की वाइस चेयरपर्सन डॉ. राखी घनशाला ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी और युवाओं को ‘अधिकारों के साथ कर्तव्यों’ की याद दिलाई। इस दौरान एनसीसी कैडेट्स और सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले छात्रों पर नकद पुरस्कारों की बौछार हुई।


विविधता में एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत: डॉ. राखी घनशाला

समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. राखी घनशाला ने एक सशक्त और आधुनिक भारत का विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि आज का भारत डिजिटल नवाचार, अंतरिक्ष विज्ञान और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है।

“गणतंत्र दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि यह हमें संविधान के उन आदर्शों—न्याय, स्वतंत्रता और समानता—की याद दिलाता है, जो हमारे लोकतंत्र की नींव हैं। ग्राफिक एरा जैसे संस्थान केवल डिग्री नहीं, बल्कि ऐसे भविष्य निर्माता तैयार कर रहे हैं जो सामाजिक उत्तरदायित्व और नवाचार (Innovation) के साथ देश को आगे ले जाएंगे।”

समारोह के मुख्य आकर्षण: सम्मान और पुरस्कार

कार्यक्रम में अनुशासन और कला का अद्भुत संगम देखने को मिला:

  • अनुशासित परेड: एनसीसी कैडेट्स की शानदार परेड ने सभी का मन मोह लिया। डॉ. राखी घनशाला ने कैडेट्स के उत्साहवर्धन के लिए 1 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की।

  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ: देशभक्ति गीतों से परिसर को गुंजायमान करने वाले छात्र-छात्राओं को 15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।

  • नेतृत्व: कुलपति डॉ. अमित आर. भट्ट ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन करते हुए राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. हिमानी बिंजोला ने किया।


प्रोफाइल: डॉ. राखी घनशाला – शिक्षा और सशक्तिकरण का चेहरा

ग्राफिक एरा ग्रुप की सफलता के पीछे डॉ. राखी घनशाला एक प्रेरणादायक स्तंभ के रूप में जानी जाती हैं। उनका व्यक्तित्व आधुनिक प्रबंधन और मानवीय संवेदनाओं का अनूठा मिश्रण है:

  • दूरदर्शी नेतृत्व: वाइस चेयरपर्सन और डायरेक्टर के रूप में डॉ. राखी ने ग्राफिक एरा को एक वैश्विक ब्रांड बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे विशेष रूप से मार्केटिंग ऑपरेशंस और शैक्षणिक गुणवत्ता के तालमेल पर ध्यान केंद्रित करती हैं।

  • मूल्य आधारित शिक्षा की पक्षधर: उनका मानना है कि शिक्षा केवल करियर के लिए नहीं, बल्कि एक ‘संवेदनशील इंसान’ बनने के लिए होनी चाहिए। वे अक्सर छात्र-छात्राओं को नैतिकता (Ethics) और सामाजिक सेवा के लिए प्रेरित करती रहती हैं।

  • महिला सशक्तिकरण की मिसाल: उत्तराखंड के शिक्षा जगत में वे एक रोल मॉडल हैं, जो महिला नेतृत्व और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।

  • प्रोत्साहन की संस्कृति: चाहे वह शोध (Research) हो, खेल हो या सांस्कृतिक गतिविधियां, डॉ. राखी मेधावी छात्रों को नकद पुरस्कारों और छात्रवृत्ति के माध्यम से प्रोत्साहित करने के लिए जानी जाती हैं।