Tuesday, January 13, 2026
उत्तराखंड

#EcoDehradun: अब और भी सुरक्षित और ‘कंक्रीट मुक्त’ होगा सिटी फॉरेस्ट पार्क; MDDA का सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर बड़ा एक्शन

VC बंशीधर तिवारी के कड़े निर्देश: पूरे पार्क में लगेंगे 360 डिग्री CCTV कैमरे, कर्मचारियों के लिए बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य। अब भविष्य में नहीं होगा कोई सीमेंटेड निर्माण; प्रकृति के मूल स्वरूप से कोई समझौता नहीं।

देहरादून: राजधानी देहरादून की पर्यावरणीय धरोहर ‘सिटी फॉरेस्ट पार्क’ को लेकर प्रशासन अब बेहद गंभीर है। हाल ही में MDDA के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ने पार्क के भविष्य की नई इबारत लिख दी है। बैठक का संदेश स्पष्ट था— विकास होगा, लेकिन प्रकृति की कीमत पर नहीं।

1. अभेद्य होगी सुरक्षा: तीसरी आंख का पहरा

पर्यटकों और खासकर परिवारों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पार्क के कोने-कोने को तकनीक से जोड़ने का फैसला लिया गया है:

  • 360 डिग्री निगरानी: पार्क के हर हिस्से में हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।

  • नाइट पेट्रोलिंग: रात के समय पार्क की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त गार्ड तैनात होंगे।

  • सुरक्षा हट: पार्क के अंतिम छोर तक नजर रखने के लिए विशेष ‘सिक्योरिटी हट’ का निर्माण होगा।

2. ‘कंक्रीट’ को ‘ना’, हरियाली को ‘हां’

पर्यावरण प्रेमियों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि अब सिटी फॉरेस्ट पार्क के भीतर किसी भी प्रकार का सिविल या कंक्रीट निर्माण नहीं होगा। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्क का उद्देश्य लोगों को प्रकृति से जोड़ना है, न कि सीमेंट की संरचनाएं खड़ी करना। यह निर्णय पार्क की जैव विविधता को बचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

3. जवाबदेही और पारदर्शिता: बायोमैट्रिक से हाजिरी

पार्क प्रबंधन में अनुशासन लाने के लिए प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव किए गए हैं:

  • पहचान पत्र अनिवार्य: पार्क में कार्यरत हर कर्मचारी के लिए ID कार्ड पहनना अनिवार्य होगा ताकि आगंतुकों को पता रहे कि वे किससे बात कर रहे हैं।

  • बायोमैट्रिक उपस्थिति: कर्मचारियों की उपस्थिति अब कागजों पर नहीं, बल्कि डिजिटल मशीन पर होगी, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी।

4. सुविधाएं और आपातकालीन सेवाएं

  • प्रकाश व्यवस्था: शाम के समय आगंतुकों की सुविधा के लिए पार्क के भीतर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी।

  • हेल्पलाइन: किसी भी आपात स्थिति के लिए पार्क में जगह-जगह हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे।

  • फायर सेफ्टी: जंगलों में आग लगने जैसी घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन उपकरणों को अपग्रेड किया जाएगा।


नेतृत्व का विजन: क्या बोले अधिकारी?

“सिटी फॉरेस्ट पार्क हमारी पर्यावरणीय धरोहर है। हमारा लक्ष्य इसे केवल एक पार्क नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और स्वच्छ ईको-सिस्टम बनाना है। हम तकनीक का उपयोग सुरक्षा के लिए करेंगे, लेकिन पार्क के प्राकृतिक स्वरूप को कंक्रीट से बचाकर रखेंगे।” — बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, MDDA

“बैठक में लिए गए सभी निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने और सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।” — मोहन सिंह बर्निया, सचिव, MDDA