Tuesday, January 20, 2026
पंजाब

#LudhianaProperty: राजगुरु नगर में स्कूल की जमीन पर अब बनेंगे आशियाने? नगर सुधार ट्रस्ट ने नागरिकों से मांगी राय; जानें क्या है पूरी योजना

ब्लॉक-ए की 1.05 एकड़ जमीन के उपयोग (Land Use) में बदलाव की तैयारी; प्राइमरी स्कूल की जगह अब आवासीय प्लॉट या फ्लैट बनाने का प्रस्ताव। जनता के पास अपनी आपत्ति या सुझाव दर्ज कराने के लिए 30 दिन का समय।


 विकास और सार्वजनिक जरूरत के बीच संतुलन

लुधियाना (19 जनवरी 2026): लुधियाना का राजगुरु नगर (129 एकड़ योजना) शहर के सबसे व्यवस्थित रिहायशी इलाकों में से एक माना जाता है। अब इस इलाके के नक्शे में एक अहम बदलाव होने जा रहा है। नगर सुधार ट्रस्ट ने ब्लॉक-ए में स्थित एक विशेष भूखंड के उपयोग को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे यहाँ आवासीय सुविधाओं का विस्तार हो सके।

1. क्या है ट्रस्ट का नया प्रस्ताव?

नगर सुधार ट्रस्ट के प्रस्ताव संख्या 142 (दिनांक 12 सितंबर 2025) के अनुसार, राजगुरु नगर के ब्लॉक-ए में 1.05 एकड़ जमीन पहले एक प्राइमरी स्कूल के निर्माण के लिए आरक्षित की गई थी। अब ट्रस्ट ने फैसला लिया है कि इस जमीन पर स्कूल की बजाय आवासीय प्लॉट या फ्लैट्स विकसित किए जाएं।

2. कानूनी प्रक्रिया और सरकारी मंजूरी

यह बदलाव पीटीआई एक्ट 1922 (PTI Act 1922) की धारा 43 के तहत किया जा रहा है। ट्रस्ट ने इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए सरकार के पास भेज दिया है, लेकिन इससे पहले जनहित को ध्यान में रखते हुए नागरिकों की राय लेना अनिवार्य है।

3. नागरिकों के पास है आपत्ति दर्ज करने का अधिकार

नगर सुधार ट्रस्ट ने लोकतंत्र की भावना और पारदर्शिता को बनाए रखते हुए लुधियाना के निवासियों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं:

  • समय सीमा: नोटिस प्रकाशन की तारीख से 30 दिनों के भीतर

  • कैसे करें संपर्क: यदि आपको लगता है कि स्कूल की जगह आवासीय परिसर बनाना सही नहीं है, या आपके पास कोई बेहतर सुझाव है, तो आप लिखित रूप में अपना पक्ष जमा कर सकते हैं।

  • पता: नगर सुधार ट्रस्ट, लुधियाना का कार्यालय (किसी भी कार्यदिवस पर)।

4. क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

शहर में बढ़ती आबादी और आवासीय भूखंडों की मांग को देखते हुए ट्रस्ट इस खाली पड़ी जमीन का सदुपयोग करना चाहता है। हालांकि, स्थानीय निवासियों के लिए यह चर्चा का विषय हो सकता है कि क्या उन्हें एक और आवासीय परिसर की जरूरत है या शिक्षा के लिए आरक्षित उस जमीन पर स्कूल ही बनना चाहिए।


निष्कर्ष: आपकी राय तय करेगी भविष्य

ट्रस्ट के चेयरमैन की ओर से जारी यह नोटिस स्पष्ट करता है कि निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके बाद विभाग पीटीआई एक्ट के तहत अंतिम नोटिफिकेशन जारी कर निर्माण प्रक्रिया शुरू कर देगा। इसलिए, राजगुरु नगर के निवासियों के लिए यह अपने इलाके के भविष्य को तय करने का एक सक्रिय अवसर है।