“अब होगा दूध का दूध और पानी का पानी”—सांसद डॉ. नरेश बंसल ने किया CBI जांच का स्वागत
#JusticeForAnkita: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात के बाद केंद्र से की सीबीआई जांच की सिफारिश। डॉ. बंसल ने दोहराया— “सरकार की मंशा किसी को बचाने की नहीं, सलाखों के पीछे होंगे सभी गुनहगार।”
देहरादून: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की गूँज अब और तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपने की संस्तुति करने के ऐतिहासिक फैसले का भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं सांसद डॉ. नरेश बंसल ने तहे दिल से स्वागत किया है। डॉ. बंसल ने कहा कि यह निर्णय दर्शाता है कि धामी सरकार जनता की भावनाओं और एक पीड़ित परिवार के दर्द के प्रति कितनी संवेदनशील है।
जनभावनाओं का सम्मान और पारदर्शिता
सांसद डॉ. नरेश बंसल ने देहरादून में मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अंकिता के माता-पिता के साथ हुई भावुक मुलाकात और प्रदेश की जनता की मांग को सर्वोपरि रखा है।
“मैंने पहले भी अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया था कि हमारी सरकार किसी भी स्तर की जांच के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री जी का यह कदम साबित करता है कि प्रदेश में ‘अपराधी कोई भी हो, बचेगा नहीं’ का संकल्प धरातल पर है।” — डॉ. नरेश बंसल, सांसद
“सरकार की मंशा साफ: अपराधियों को संरक्षण नहीं”
डॉ. बंसल ने उन आरोपों को सिरे से खारिज किया जिनमें सरकार पर किसी को बचाने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने महत्वपूर्ण तथ्य साझा किए:
त्वरित कार्रवाई: मामले के सामने आते ही तीन मुख्य आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
न्यायालय का रुख: हालांकि माननीय न्यायालय ने अब तक की सरकारी जांच (SIT) को सही और पारदर्शी माना था, लेकिन जनता के मन में पूर्ण विश्वास पैदा करने के लिए सीबीआई जांच का फैसला लिया गया।
पूर्ण पारदर्शिता: सीबीआई जांच से अब उन सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे जो अब तक अनसुलझे थे।
एक सैनिक पुत्र का संकल्प और बेटी का मान
सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी स्वयं एक सैनिक पुत्र हैं और प्रदेश की बेटियों के मान-सम्मान के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब जांच का जिम्मा देश की सबसे बड़ी एजेंसी के पास होने से मामले की तह तक जाकर उन ‘वीआईपी’ चेहरों या अन्य संलिप्तताओं का पर्दाफाश होगा, जिनकी मांग परिवार कर रहा है।

