Friday, January 9, 2026
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TaxRefund2026: क्या अब भी खाली है आपका बैंक खाता? Income Tax रिफंड अटकने के पीछे हो सकते हैं ये 6 ‘बड़े कारण’; जानें समाधान

आयकर विभाग ने दिसंबर 2025 तक अधिकांश रिफंड प्रोसेस करने का दावा किया था, लेकिन लाखों टैक्सपेयर्स अब भी कतार में हैं। अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए कहीं आप तो नहीं कर रहे ये तकनीकी गलतियां?

नई दिल्ली: नया साल 2026 दस्तक दे चुका है, लेकिन कई करदाताओं (Taxpayers) के लिए एक पुराना इंतजार अब भी बना हुआ है— इनकम टैक्स रिफंड। हालांकि आयकर विभाग ने दिसंबर 2025 के अंत तक अधिकांश रिफंड जारी करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन तकनीकी बाधाओं और डेटा विसंगतियों के कारण कई ट्रांजैक्शन अब भी ‘पेंडिंग’ मोड में हैं।

यदि आप भी इसी श्रेणी में हैं, तो घबराने के बजाय यह समझना जरूरी है कि सिस्टम में आपकी फाइल कहाँ अटकी हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, रिफंड न मिलने के पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित 6 कारण जिम्मेदार होते हैं:

 रिफंड अटकने के 6 प्रमुख तकनीकी कारण

  1. बैंक खाते का ‘Validation’ फेल होना: सबसे सामान्य कारण। यदि आपका बैंक खाता ई-फाइलिंग पोर्टल पर Pre-validated नहीं है या बैंक का IFSC कोड बदल गया है, तो विभाग चाहकर भी पैसा क्रेडिट नहीं कर पाएगा।

  2. E-Verification की अनदेखी: ITR फाइल करना केवल आधा काम है। यदि आपने फाइल करने के 30 दिनों के भीतर उसे e-verify (आधार OTP या नेट बैंकिंग के जरिए) नहीं किया है, तो आपका रिटर्न अमान्य माना जाता है।

  3. AIS और Form 26AS में डेटा मिसमैच: आयकर विभाग अब AIS (Annual Information Statement) का बारीकी से मिलान करता है। यदि आपके द्वारा घोषित आय और टीडीएस (TDS) विभाग के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते, तो रिफंड रोक दिया जाता है।

  4. गलत कटौती (Deductions) का दावा: यदि आपने टैक्स बचाने के लिए ऐसी छूट का दावा किया है जिसके आप पात्र नहीं हैं या आपके पास उसके सबूत नहीं हैं, तो विभाग आपकी फाइल को अतिरिक्त जांच के लिए ‘फ्लैग’ कर देता है।

  5. हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन की जांच: यदि आपने साल के दौरान बड़े निवेश या विदेशी यात्राएं की हैं जो आपकी घोषित आय से मेल नहीं खातीं, तो रिफंड जारी करने से पहले विभाग आपसे स्पष्टीकरण मांग सकता है।

  6. पेंडिंग टैक्स डिमांड: यदि पिछले वर्षों का कोई टैक्स बकाया है, तो विभाग आपके वर्तमान रिफंड को उस पुराने बकाया के साथ एडजस्ट कर देता है। इसकी सूचना आपको Section 245 के नोटिस के जरिए दी जाती है।


 आपको क्या करना चाहिए? (चेकलिस्ट)

समस्या समाधान
बैंक स्टेटस ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर चेक करें कि खाता ‘Validated’ है या नहीं।
ई-वेरिफिकेशन चेक करें कि ITR का स्टेटस ‘Successfully e-verified’ दिखा रहा है या नहीं।
नोटिस सेक्शन अपना रजिस्टर्ड ईमेल और पोर्टल का ‘Pending Actions’ टैब चेक करें।
डेटा मिलान अपने पोर्टल से AIS और Form 26AS डाउनलोड कर मिलान करें।

पत्रकारिता की दृष्टि से एक सलाह

आयकर विभाग अब अत्यधिक आधुनिक तकनीक और AI का उपयोग कर रहा है। यदि आपका रिफंड अटका है, तो विभाग के ‘Refund Reissue Request’ विकल्प का उपयोग करें या किसी प्रोफेशनल चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से अपनी फाइल की समीक्षा कराएं। याद रखें, विभाग को सही जानकारी देना ही आपके रिफंड की चाबी है।