उत्तराखंड में बड़े बदलाव की तैयारी: 5 साल में दोगुना होगा सिंचित क्षेत्र, टिहरी बनेगा इंटरनेशनल टूरिस्ट डेस्टिनेशन
देहरादून: उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा न केवल सरकारी बजट (Capital Expenditure) का सही उपयोग करना था, बल्कि राज्य की बुनियादी सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाना भी रहा। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि अब काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अच्छा प्रदर्शन करने वाले विभागों को अतिरिक्त बजट से नवाजा जाएगा।
1. खेती और किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी
सरकार का लक्ष्य है कि अगले 5 वर्षों में राज्य के सिंचित क्षेत्र को 15% से बढ़ाकर 30% किया जाए। इसके लिए:
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नए बैराज और नहरों का निर्माण किया जाएगा।
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खेतों तक पानी पहुँचाने के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम (फुव्वारा सिंचाई) को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
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पुराने और बंद पड़े सिंचाई तंत्रों को दोबारा जीवित किया जाएगा।
2. पर्यटन: दुनिया के नक्शे पर चमकेगा टिहरी
उत्तराखंड के पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए टिहरी को इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही:
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टिहरी झील रिंग रोड परियोजना पर काम जल्द शुरू होगा।
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ऋषिकेश और चम्पावत में पर्यटन के नए मॉडल तैयार किए जाएंगे।
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शहरों में ‘सिटी ग्रीनिंग’ और एक्सप्रेस-वे के किनारे ‘बायो-फेंसिंग’ से हरियाली बढ़ाई जाएगी।
3. बिजली बिल और पर्यावरण: पेयजल योजनाओं में ‘सोलर’ का तड़का
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अब पेयजल योजनाओं को जीरो कार्बन उत्सर्जन से जोड़ा जाएगा। जल संस्थान और जल निगम अब पंप चलाने के लिए सोलर एनर्जी और बैटरी बैकअप का इस्तेमाल करेंगे। इसके अलावा, 31 मार्च तक देहरादून की सभी सरकारी कॉलोनियों में 100% वाटर मीटर लगाने का लक्ष्य दिया गया है, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके।
4. पारदर्शिता: अब काम की होगी ‘थर्ड पार्टी’ जांच
सरकारी कामों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एक मजबूत इंडिपेंडेंट थर्ड पार्टी इवैल्यूएशन तंत्र विकसित किया जाएगा। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि:
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हर प्रोजेक्ट की समय सीमा (Timeline) तय हो।
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लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
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सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) की 24×7 रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाए।
5. आईटी और साइंस पर फोकस
राज्य में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए आईटी विभाग को साइंस सिटी और नए विज्ञान केंद्रों के संचालन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा गया है।
मुख्य सचिव का सख्त संदेश: “बजट का समय पर उपयोग करें और रीइंबर्समेंट के दावे समय पर भेजें। जनता के पैसे का सदुपयोग और कार्यों की गुणवत्ता ही हमारी प्राथमिकता है।”
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, पीसीसीएफ कपिल लाल सहित विभिन्न विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

