पांच साल में 34 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी: ‘द इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ में गरजे सीएम धामी
उत्तराखंड के विकास और सुशासन का विजन किया पेश; नकल विरोधी कानून, यूसीसी, निवेश और विंटर टूरिज्म को बताया अर्थव्यवस्था का नया आधार
देहरादून/नई दिल्ली। देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठिक ‘द इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026’ (The Economic Times World Leaders Forum 2026) में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के सतत विकास, सुशासन और आर्थिक प्रगति का रोडमैप वैश्विक मंच पर रखा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आज विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने रोजगार पारदर्शी पारदर्शी तंत्र, समान नागरिक संहिता (UCC), ऑल-वेदर कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे और शीतकालीन पर्यटन (Winter Tourism) को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया।
“20 साल में 16 हजार, तो 5 साल में मिलीं 34 हजार सरकारी नौकरियां”
रोजगार और सुशासन के मोर्चे पर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा:
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पारदर्शी सरकारी नौकरियां: राज्य गठन के शुरुआती दो दशकों में जहां महज 16,000 सरकारी नौकरियां मिली थीं, वहीं पिछले 5 वर्षों के कार्यकाल में 34,000 से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां दी गई हैं।
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देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून: भर्ती परीक्षाओं में शुचिता लाने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। पेपर लीक कराने वाले और अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले करीब 100 भू-माफियाओं और दोषियों को जेल भेजा जा चुका है।
30 नई नीतियां और 125 किमी लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन
राज्य में औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर मुख्यमंत्री ने कई अहम बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
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30 से अधिक नई नीतियां: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के बाद धरातल पर निवेश उतारने के लिए 30 से अधिक क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां बनाई गई हैं, जिससे उद्योगपतियों के लिए अनुकूल माहौल बना है।
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कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक क्रांति: 125 किमी लंबी पहाड़ी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन और व्यापार को नई रफ्तार देगी। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से यात्रा का समय घट गया है, जबकि पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रस्तावित है।
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यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य: मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने से समाज में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के अधिकारों को मजबूती मिली है।
’12 महीने पर्यटन’ और सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ का दर्जा
पर्यटन को केवल गर्मी के मौसम तक सीमित न रखकर सरकार ‘ऑल वेदर विंटर टूरिज्म’ पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
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चारधाम और कांवड़ यात्रा रिकॉर्ड: चारधाम यात्रा के प्रथम चरण में 47 लाख से अधिक और कांवड़ यात्रा में 4.80 करोड़ श्रद्धालुओं का देवभूमि आगमन हुआ।
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हर्षिल-मुखवा जैसे शीतकालीन केंद्र: विंटर स्पोर्ट्स और शीतकालीन यात्राओं से होमस्टे, होटल, लोकल ट्रांसपोर्ट और स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ी है, जिससे युवाओं का पलायन रुका है।
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प्रथम गांव अवधारणा: भारत के अंतिम गांवों को अब देश के ‘प्रथम गांव’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे सीमांत क्षेत्रों में आजीविका के नए साधन पैदा हो रहे हैं।
जनवरी 2027 के महाकुंभ के लिए दिया देश-दुनिया को न्योता
संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), विज्ञान और तकनीकी नवाचार पर टिकेगी, जिसके लिए राज्य में ‘नवाचार नीति’ लागू की गई है। साथ ही उन्होंने हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ (जनवरी 2027) के लिए सभी देशवासियों और वैश्विक प्रतिनिधियों को देवभूमि आने का भावभीना निमंत्रण दिया।

