Friday, July 31, 2026
उत्तराखंड

232 परिवारों के सिर पर सजी छत: एमडीडीए की धौलास योजना में डिजिटल लॉटरी से आवंटित हुए फ्लैट, छलक उठे खुशी के आंसू

दिव्यांगों और बुजुर्गों को भूतल (Ground Floor) देकर धामी सरकार ने पेश की संवेदनशीलता की मिसाल; पारदर्शी प्रक्रिया से पूरा हुआ ‘सपनों के आशियाने’ का इंतजार

देहरादून। हर व्यक्ति का सपना होता है कि एक दिन उसका अपना एक सुरक्षित, सुंदर और सम्मानजनक घर हो। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह सपना अब धरातल पर साकार होता दिख रहा है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) द्वारा धौलास आवासीय योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) वर्ग के 232 पात्र लाभार्थियों को कंप्यूटरीकृत एवं पूर्णतः पारदर्शी डिजिटल लॉटरी के माध्यम से फ्लैटों का आवंटन किया गया।

देहरादून के आईएसबीटी स्थित सिटी जंक्शन मॉल में आयोजित इस आवंटन कार्यक्रम में जैसे ही लाभार्थियों के नाम और भवन संख्या स्क्रीन पर चमके, वर्षों से अपने घर का सपना संजोए बैठे परिवारों के चेहरों पर सुकून और खुशी की लहर दौड़ गई।

सामाजिक संवेदनशीलता: दिव्यांगों और बुजुर्गों को मिला भूतल (Ground Floor)

कार्यक्रम की सबसे भावुक और सराहनीय झलक तब देखने को मिली जब एमडीडीए अधिकारियों ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए 4 दिव्यांगजनों और 2 वरिष्ठ नागरिकों को बिना किसी भाग-दौड़ के प्राथमिकता के आधार पर भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर ही फ्लैट आवंटित किए। सरकार के इस कदम से बुजुर्गों और दिव्यांगों के चेहरों पर छाई खुशी ने पूरे हॉल का माहौल भावुक कर दिया।

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर चलते हुए हमारी सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के हर पात्र गरीब परिवार के पास अपनी पक्की छत हो। पीएम आवास योजना केवल सीमेंट-ईंट का ढांचा नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और एक सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव है।”पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)

पूर्णतः पारदर्शी प्रक्रिया से मिला हक

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया और उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की मौजूदगी में यह पूरी आवंटन प्रक्रिया आवेदकों और मीडिया के समक्ष लाइव कंप्यूटरीकृत सिस्टम से कराई गई, ताकि निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठ सके।

  • गुणवत्तापूर्ण जीवनशैली: धौलास (Dhaulas) में बने ये ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स केवल रहने की जगह नहीं हैं, बल्कि यहाँ बिजली, पानी, चौड़ी सड़कें और सुरक्षित वातावरण जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

  • भविष्य की योजनाएं: एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों पर प्राधिकरण का मुख्य ध्येय केवल कंक्रीट का निर्माण करना नहीं, बल्कि आम जनमानस को सम्मानजनक जीवन शैली देना है।

न्यूज़ पोर्टल विश्लेषण: क्यों खास है यह उपलब्धि?

राजधानी देहरादून में तेजी से बढ़ते प्रॉपर्टी के दामों के बीच एक गरीब या निम्न-मध्यमवर्गीय परिवार के लिए खुद का घर खरीदना लगभग असंभव सा हो गया था। ऐसे में एमडीडीए की धौलास योजना के तहत 232 परिवारों को पारदर्शी तरीके से पारदर्शी लॉटरी द्वारा पक्का मकान मिलना, शहरी विकास और गरीब कल्याण की दिशा में एक बहुत बड़ा और प्रभावी कदम है।