चारधाम यात्रा 2026: बदरी-केदार मंदिर परिसर में अब नहीं बनेंगी ‘रील्स’, 70 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंध
आस्था और मर्यादा की रक्षा: मंदिर समिति का बड़ा फैसला, रील और वीडियो बनाने पर रोक; श्रद्धालुओं को मिलेंगे सुगम दर्शन
देहरादून/ऋषिकेश: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध आगामी चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन और मंदिर समिति ने एक बड़ा और कड़ा निर्णय लिया है। अब बाबा केदार और भगवान बदरी विशाल के दर्शन के दौरान श्रद्धालु मंदिर के मुख्य परिसर के 70 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब मंदिर के अति-संवेदनशील और पवित्र क्षेत्र में रील (Reels) बनाना या वीडियो शूट करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के अनुसार, यह निर्णय धामों की दिव्यता और आध्यात्मिक वातावरण को बनाए रखने के लिए लिया गया है।
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पवित्रता की रक्षा: मंदिर के गर्भगृह और मुख्य परिसर की गरिमा को सोशल मीडिया के बढ़ते चलन से बचाने की कोशिश।
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सुगम दर्शन व्यवस्था: अक्सर रील बनाने के चक्कर में भीड़ रुक जाती है, जिससे आम तीर्थयात्रियों को दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
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सुरक्षा प्रोटोकॉल: संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और व्यवस्था को सुदृढ़ करना प्राथमिकता है।
तैयारियों में जुटी मंदिर समिति: यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
सिर्फ पाबंदियां ही नहीं, बल्कि मंदिर समिति श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए बुनियादी ढांचे में भी सुधार कर रही है:
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विश्राम गृहों का कायाकल्प: यात्रा शुरू होने से पहले सभी विश्राम गृहों को सुसज्जित और आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
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मूलभूत सुविधाएं: पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सफाई व्यवस्था और शौचालयों को बेहतर बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम जारी है।
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बजट प्रावधान: जल्द ही होने वाली बोर्ड बैठक में यात्रा की व्यवस्थाओं और यात्री सुविधाओं के लिए विशेष बजट आवंटित किया जाएगा।
“हमारा लक्ष्य है कि हर श्रद्धालु जो देवभूमि आए, वह एक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धामय अनुभव लेकर लौटे। आस्था के केंद्र में मर्यादा सर्वोपरि है।” — हेमंत द्विवेदी, अध्यक्ष, BKTC

