Friday, May 22, 2026
उत्तराखंड

सड़कों पर नमाज़ को लेकर सीएम धामी का बड़ा बयान: “देवभूमि में कानून का राज सर्वोपरि, सड़कों को नहीं होने देंगे बाधित”

चारधाम यात्रा के बीच मुख्यमंत्री का कड़ा रुख; बोले— ‘आस्था का सम्मान है, लेकिन तुष्टिकरण की राजनीति और अराजकता बर्दाश्त नहीं’

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्थलों के उपयोग को लेकर एक बार फिर बेहद सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में धार्मिक गतिविधियों के नाम पर सार्वजनिक सड़कों को बाधित करने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आस्था अपनी जगह है, लेकिन कानून और नागरिक अधिकारों से ऊपर कोई नहीं हो सकता।

चारधाम यात्रा और सार्वजनिक व्यवस्था पहली प्राथमिकता

मुख्यमंत्री धामी ने वर्तमान में चल रही चारधाम यात्रा का हवाला देते हुए कहा कि इस समय देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में राज्य का माहौल शांत, सुरक्षित और अनुशासित बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

“सड़कें आम जनता और यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए बनी हैं। इन्हें किसी भी प्रकार के अवरोध या प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। नमाज़ मस्जिदों, ईदगाहों या प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही पढ़ी जानी चाहिए। सार्वजनिक मार्गों को रोककर आम नागरिकों को परेशानी में डालना स्वीकार्य नहीं है।”पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)

विपक्ष पर साधा निशाना: तुष्टिकरण का आरोप

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने वोट बैंक को सुरक्षित करने के लिए तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं और सड़कों पर होने वाले ऐसे अवरोधों का समर्थन कर रहे हैं। सीएम ने साफ किया कि उनकी सरकार किसी भी प्रकार के दबाव में आए बिना केवल नियम-कायदों के तहत काम करेगी।

अराजकता फैलाने वालों को सख्त चेतावनी

प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को बंधक बनाने या नियमों का उल्लंघन कर अराजकता का माहौल पैदा करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने दोहराया कि उत्तराखंड की अनूठी संस्कृति, शांति और अनुशासन के साथ किसी को भी खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

न्यूज़ पोर्टल विश्लेषण: क्यों गरमाया है यह मुद्दा?

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान पहाड़ी और मैदानी मार्गों पर यातायात का भारी दबाव रहता है। ऐसे में किसी भी धार्मिक या सामाजिक गतिविधि के कारण सड़कों के जाम होने से यात्रियों और स्थानीय जनता को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री का यह बयान राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आगामी दिनों में किसी भी संभावित विवाद को रोकने के लिए प्रशासनिक मुस्तैदी का संकेत है।