#DhamiCabinet: उत्तराखंड कैबिनेट की अहम बैठक आज; जमीन के विवादों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी, 30 दिन में होगा लंबित मामलों का खात्मा
पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में आ सकते हैं बड़े फैसले। मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश— “जमीन के विवादों को करें शून्य”; जिलों में चलेगा एक महीने का विशेष अभियान, Chief Secretary हर हफ्ते करेंगे समीक्षा।
देहरादून: राजधानी देहरादून में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। सचिवालय में होने वाली इस बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई नीतिगत फैसलों पर मुहर लगने की संभावना है। बैठक का मुख्य फोकस पर्यटन, स्वास्थ्य, शहरी विकास और शिक्षा जैसे उन विभागों पर है, जो सीधे तौर पर प्रदेश की आर्थिकी और आम जनमानस से जुड़े हैं।
1. कैबिनेट के एजेंडे में क्या है खास?
सूत्रों के अनुसार, बैठक में निम्नलिखित क्षेत्रों पर बड़े प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है:
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पर्यटन: नई होमस्टे नीति या बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रोत्साहन।
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स्वास्थ्य: पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की तैनाती और दवाओं की उपलब्धता को लेकर अहम निर्णय।
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शहरी विकास: ‘स्मार्ट सिटी’ प्रोजेक्ट्स और नगर निकायों की कार्यप्रणाली में सुधार।
2. “मिशन जीरो पेंडेंसी”: जमीन के विवादों से मिलेगा छुटकारा
कैबिनेट बैठक के साथ-साथ मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के सबसे संवेदनशील मुद्दे— जमीन विवाद— पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में एक माह का विशेष अभियान चलाकर सभी लंबित भूमि विवादों का निपटारा किया जाए।
अभियान की मुख्य बातें:
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समय सीमा: सभी विवादों को सुलझाने के लिए केवल 30 दिन का समय दिया गया है।
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लक्ष्य: लंबित मामलों को ‘शून्य’ स्तर पर लाना।
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सख्त मॉनिटरिंग: मुख्य सचिव स्वयं हर सप्ताह अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
3. तहसील स्तर पर बनेगी ‘सुपर कमेटी’
जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री ने तहसील स्तर पर विशेष समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं।
“भूमि विवाद सीधे तौर पर आम नागरिक की शांति और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करते हैं। सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी और न्यायसंगत समाधान है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
समिति की संरचना:
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अध्यक्ष: उप जिलाधिकारी (SDM)
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सदस्य: पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO)
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तकनीकी सहयोग: चकबंदी और राजस्व विभाग के अधिकारी।
निष्कर्ष: जनता को मिलेगी बड़ी राहत
जमीन के विवाद न केवल अदालती बोझ बढ़ाते हैं, बल्कि कई बार कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगाड़ते हैं। मुख्यमंत्री का यह ’30 दिन का संकल्प’ उन हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है जो वर्षों से अपनी ही जमीन के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। कैबिनेट बैठक के नतीजे और इस अभियान की सफलता उत्तराखंड के सुशासन (Good Governance) के मॉडल को नई ऊंचाई प्रदान करेगी।

