Wednesday, February 11, 2026
पंजाब

गुरु रविदास प्रकाश पर्व: खुरालगढ़ साहिब पहुंचे सीएम भगवंत मान, ‘चरण छोह गंगा’ में टेका माथा

649वें प्रकाश उत्सव पर राज्य स्तरीय समागम; मुख्यमंत्री ने गुरु महाराज के तप स्थल पर नतमस्तक होकर लिया आशीर्वाद

गढ़शंकर (खुरालगढ़)। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर आज ऐतिहासिक धरती श्री खुरालगढ़ साहिब श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंगी नजर आई। पंजाब सरकार द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय समागम में मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी पूरी कैबिनेट के साथ शामिल हुए। उन्होंने गुरु महाराज के चरणों में नतमस्तक होकर पंजाब की शांति, प्रगति और खुशहाली की अरदास की।

भक्ति और श्रद्धा का संगम: श्री अखंड पाठ साहिब का भोग

समारोह की शुरुआत 4 फरवरी को रखे गए श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के साथ हुई। इस दौरान पूरा परिसर ‘जो बोले सो निर्भय, गुरु रविदास महाराज की जय’ के जयकारों से गूंज उठा।

  • तप स्थल पर नमन: मुख्यमंत्री भगवंत मान सबसे पहले चरण छोह गंगा स्थित गुरु रविदास जी के पवित्र स्थान पर पहुंचे।

  • श्रद्धांजलि: इसके पश्चात उन्होंने खुरालगढ़ में गुरु महाराज के प्राचीन तप स्थल पर माथा टेका और श्रद्धा अर्पित की।

  • कीर्तन दरबार: भोग के उपरांत विशेष कीर्तन जत्थों द्वारा गुरुबाणी के रसपूर्ण कीर्तन से संगत को निहाल किया गया।

‘बेगमपुरा’ के संकल्प को दोहराती सरकार

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन से पूर्व गुरु रविदास जी की शिक्षाओं—समानता, भाईचारा और मानवता की सेवा—को याद किया। राज्य स्तरीय समागम में उमड़ी संगत का सैलाब यह दर्शा रहा था कि गुरु महाराज के विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार गुरु साहिब के ‘बेगमपुरा’ (ऐसा शहर जहां कोई दुख न हो) के सपने को साकार करने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है।

खुरालगढ़ साहिब का ऐतिहासिक महत्व

गढ़शंकर का गांव खुरालगढ़ श्री गुरु रविदास जी की चरण छोह प्राप्त पवित्र धरती है। यहाँ स्थित श्री गुरु रविदास स्मारक न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह गुरु महाराज के संघर्ष और उनकी आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक भी है। राज्य सरकार यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार और स्मारक के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है।

इस समागम में पंजाब कैबिनेट के मंत्रियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि राज्य सरकार दलित समाज और गुरु रविदास जी के अनुयायियों के प्रति कितनी गंभीर है। खुरालगढ़ साहिब को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना मान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।