चमोली में बड़ा हादसा: THDC टनल में भूधंसाव से 7 मजदूरों की मौत, 3 लापता; ग्राउंड जीरो पर पहुंचे CM धामी
विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में अचानक भरा मलबा और पानी; 12 घायल अस्पताल में भर्ती, NDRF-SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। मायापुर (पीपलकोटी) में टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में अचानक भूधंसाव होने से भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया। इस भीषण हादसे में अब तक 7 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 3 मजदूर अभी भी लापता हैं।
सुरंग में कुल 22 लोग फंस गए थे, जिनमें से 19 को बाहर निकाल लिया गया है। 12 घायलों का इलाज जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में चल रहा है।
ग्राउंड जीरो पर पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, टनल के अंदर जाकर लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तुरंत ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए खुद टनल के अंदर जाकर जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया और रेस्क्यू टीमों से बचाव अभियान की प्रगति की पूरी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि:
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लापता 3 कर्मियों को सुरक्षित निकालने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), आईटीबीपी (ITBP) और पुलिस बल अपनी पूरी तकनीकी विशेषज्ञता और संसाधनों का उपयोग करें।
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अस्पताल में भर्ती 12 घायलों के नि:शुल्क और सर्वोत्तम इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम चौबीसों घंटे निगरानी रखे।
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प्रभावित और पीड़ित परिवारों को तत्काल हर संभव प्रशासनिक व आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
कैसे हुआ हादसा?
जिलाधिकारी गौरव कुमार के अनुसार:
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यह हादसा विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के तहत बन रही करीब 3 किलोमीटर लंबी टीआरटी (TRT) टनल में हुआ।
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टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में अचानक भूधंसाव (Landslide/Subsidence) हुआ, जिसके बाद सुरंग में पानी और भारी मलबा भर गया।
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वहां काम कर रहे 22 कर्मी मलबे के कारण अंदर ही फंस गए। NDRF और SDRF की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 लोगों को बाहर निकाला, जिनमें से 7 कर्मियों को बचाया नहीं जा सका।
स्थल पर मौजूद रहे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि व अधिकारी
बचाव कार्यों का जायजा लेने के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री हरक सिंह और पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी समेत जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आपदा प्रबंधन और तकनीकी सुरक्षा पर सवाल
पहाड़ी राज्यों में टनल निर्माण के दौरान भू-धंसाव और अचानक पानी भरने जैसी घटनाएं निर्माण सुरक्षा के उच्च मानकों की समीक्षा की आवश्यकता की ओर इशारा करती हैं। हालांकि, जिला प्रशासन और राहत बलों की त्वरित प्रतिक्रिया से 12 जिंदगियों को बचा लिया गया है, लेकिन अब प्राथमिकता टनल में फंसे शेष 3 मजदूरों को सकुशल बाहर निकालने की है।

