पीपलकोटी टनल हादसे के पीड़ितों के साथ खड़ा हुआ THDCIL: मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 1-1 लाख रुपये अनुग्रह राशि देने का ऐलान
स्वतंत्रता दिवस पर टीएचडीसीआईएल ने प्रकट की मानवीय संवेदनशीलता; विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना दुर्घटना के प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा
ऋषिकेश। चमोली जिले के पीपलकोटी में विष्णुगाड़–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (VPHEP) की टेल रेस टनल (TRT) में हुए दुखद हादसे के बाद टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) प्रबंधन ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर टीएचडीसीआईएल ने हादसे में प्रभावित श्रमिकों और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
टीएचडीसीआईएल प्रबंधन द्वारा जारी निर्णय के अनुसार:
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मृतक श्रमिकों के आश्रितों को: प्रत्येक मृतक श्रमिक के निकटतम परिजन को ₹5 लाख की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) दी जाएगी।
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घायल श्रमिकों को: अस्पताल में उपचार करा रहे प्रत्येक घायल श्रमिक को ₹1 लाख की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
“कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है संस्था”
टीएचडीसीआईएल प्रबंधन ने हादसे में हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन और पीड़ादायक घड़ी में पूरी संस्था प्रभावित परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ी है।
प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि अनुग्रह राशि के अलावा पीड़ितों को चिकित्सा, प्रशासनिक और अन्य हर संभव सहयोग बिना किसी देरी के उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र सेवा के संकल्प के बीच टीएचडीसीआईएल की यह पहल प्रभावित परिवारों के प्रति मानवीय संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) की मिसाल पेश करती है।
क्या था पीपलकोटी टनल हादसा?
13 अगस्त को चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन 3 किलोमीटर लंबी टीआरटी टनल के लगभग 1.5 किलोमीटर हिस्से में अचानक भूधंसाव के कारण भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया था। इस हादसे में 7 श्रमिकों की दुखद मृत्यु हो गई थी, जबकि 12 घायल हुए थे। राज्य सरकार, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और टीएचडीसी प्रबंधन द्वारा संयुक्त रूप से राहत व बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
आपदा के समय कॉर्पोरेट उत्तरदायित्व
औद्योगिक व बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में हादसों के बाद प्रभावितों को तत्काल आर्थिक सहायता और संबल प्रदान करना अत्यंत आवश्यक होता है। स्वतंत्रता दिवस के दिन THDCIL द्वारा ली गई यह पहल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास और घायलों के समुचित इलाज की दिशा में एक संवेदनशील और राहत देने वाला कदम है।

