Friday, August 7, 2026
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देवभूमि में भक्ति का महासैलाब: कांवड़ यात्रा 2026 में अब तक 2.19 करोड़ से अधिक शिवभक्तों ने उठाया गंगाजल, व्यवस्थाओं की देश भर में सराहना

अकेले 6 अगस्त को 39 लाख से अधिक कांवड़िए गंतव्य की ओर रवाना; सीएम धामी बोले— “कांवड़ यात्रा आस्था, सेवा और अनुशासन का महापर्व”

देहरादून। उत्तराखंड में इस वर्ष की ‘कांवड़ यात्रा 2026’ श्रद्धा, सुरक्षा और सुव्यवस्थित प्रशासनिक प्रबंधन की एक मिसाल बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व और राज्य सरकार द्वारा किए गए अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंधों के चलते अब तक 2 करोड़ 19 लाख 70 हजार से अधिक शिवभक्त हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य पावन गंगाघाटों से पवित्र गंगाजल लेकर सकुशल अपने-अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान कर चुके हैं।

आस्था का यह जनसैलाब किस कदर उमड़ रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल 6 अगस्त 2026 को शाम 6 बजे तक 39 लाख 15 हजार कांवड़ यात्रियों ने हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपनी वापसी यात्रा शुरू की।

सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता का अभेद्य चक्र

लाखों की संख्या में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं:

  • सड़कों पर सुगम आवाजाही: रूट डायवर्जन और ट्रैफिक मैनेजमेंट की वजह से न केवल कांवड़ियों को बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी आवागमन में सुविधा मिल रही है।

  • स्वास्थ्य व पेयजल व्यवस्था: यात्रा मार्गों पर जगह-जगह मेडिकल कैंप, 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा, स्वच्छ पेयजल और निरंतर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।

  • शिवभक्तों ने जताया आभार: देवभूमि में मिल रहे इस आतिथ्य और प्रशासनिक सहयोग की विभिन्न राज्यों (उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान) से आए शिवभक्त खुले दिल से प्रशंसा कर रहे हैं।

“अतिथि सत्कार और देवभूमि की परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण”: सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ यात्रा के सफल और निर्विघ्न संचालन पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी अधिकारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय निवासियों का आभार व्यक्त किया।

“कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि यह सेवा, अनुशासन और सामाजिक समरसता का महापर्व है। सभी के बेहतर समन्वय और शिवभक्तों के अनुशासन से कांवड़ यात्रा 2026 का सफल संचालन सुनिश्चित हो रहा है। उत्तराखंड अपनी उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और देवभूमि की गौरवशाली अतिथि परंपरा का परचम पूरे देश में लहरा रहा है।”पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)

क्यों ऐतिहासिक है कांवड़ यात्रा 2026?

करोड़ों की आबादी के इतने बड़े अस्थायी प्रवास को बिना किसी बड़ी दुर्घटना या अव्यवस्था के संभालना किसी भी राज्य के लिए एक प्रशासनिक चुनौती होता है। उत्तराखंड सरकार द्वारा तकनीक (CCTV, ड्रोन निगरानी) और मानवीय सेवा भाव का जो समन्वय स्थापित किया गया है, उसने धार्मिक पर्यटन और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) का एक नया मानक स्थापित कर दिया है।