पौड़ी में सजेगा ‘खेल महाकुंभ’ का मंच: डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने की तैयारियों की समीक्षा, तीन चरणों में हुनर दिखाएंगे युवा
न्याय पंचायत, विधानसभा और संसदीय स्तर पर होंगी अंडर-14 व अंडर-19 बालक-बालिका स्पर्धाएं; राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के लिए भिड़ेंगे प्रतिभागी
पौड़ी। उत्तराखंड की ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें बड़ा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से सितंबर माह में प्रस्तावित ‘खेल महाकुंभ’ की तैयारियां पौड़ी जिले में तेज हो गई हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
जिला युवा कल्याण अधिकारी पंकज तिवारी ने बैठक में जानकारी दी कि इस वर्ष खेल महाकुंभ का आयोजन तीन प्रमुख चरणों में किया जाएगा, जिसमें अंडर-14 और अंडर-19 वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
खेल महाकुंभ का तीन-स्तरीय शेड्यूल (1 से 30 सितंबर)
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पहला चरण (1 से 10 सितंबर): न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
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दूसरा चरण (11 से 20 सितंबर): विधानसभा स्तर पर ‘विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी’ का आयोजन होगा।
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तीसरा चरण (21 से 30 सितंबर): संसदीय स्तर पर ‘सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी’ का रोमांच देखने को मिलेगा।
इन तीनों चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय ‘मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी’ में पौड़ी गढ़वाल का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त होगा।
मैदान से लेकर जलपान तक: डीएम ने दिए व्यवस्थाओं के सख्त निर्देश
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि युवाओं के इस उत्सव में किसी भी प्रकार की असुविधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी:
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खेल मैदान और सुरक्षा: जिले के सभी खेल मैदानों की समय रहते मरम्मत कराई जाए। खेल स्थलों पर पेयजल, विद्युत, प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) और एम्बुलेंस की पुख्ता व्यवस्था हो।
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शिक्षकों की तैनाती: मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि आयोजनों के सुचारु संचालन के लिए शिक्षकों और खेल समन्वयकों की ड्यूटी समय से लगाई जाए।
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जनभागीदारी: ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जोड़कर स्कूलों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण बच्चे इसमें भाग ले सकें।
‘डिजिटल यूथ फेस्टिवल-2026’ के विजेताओं के नाम घोषित
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी के निर्देशन में चल रहे ‘डिजिटल यूथ फेस्टिवल-2026’ के प्रथम सप्ताह की प्रतियोगिताओं के परिणामों की घोषणा भी की गई:
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सूर्य नमस्कार प्रतियोगिता: सोनम रावत (प्रथम), सूरजपाल सिंह (द्वितीय), तनुजा रावत (तृतीय)।
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‘मेरा जनपद–मेरी पहचान’ प्रतियोगिता: वंशिका नेगी (प्रथम), शर्मिला (द्वितीय), तनुराग रावत (तृतीय)।
जिलाधिकारी ने सभी विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से युवाओं की रचनात्मकता और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को निखारने का यह प्रयास लगातार जारी रहेगा।
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, जिला खेल अधिकारी प्रदीप कुमार, थानाध्यक्ष जयपाल नेगी, जिला खेल समन्वयक योगंबर नेगी, डॉ. अमित मेहरा सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह खेल महाकुंभ?
पहाड़ी क्षेत्रों में संसाधनों के अभाव के बावजूद युवाओं में स्वाभाविक खेल क्षमताएं मौजूद हैं। पौड़ी जिला प्रशासन की यह पहल न केवल गांव-गांव से छिपकर बैठी खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पटल पर लाएगी, बल्कि युवाओं को नशे और भटकाव से दूर रखकर स्वस्थ जीवनशैली की ओर भी प्रेरित करेगी।

