उत्तराखंड में ‘हर घर जल’ का सपना 92% से अधिक पूरा: सीएम धामी ने जल जीवन मिशन की समीक्षा की, शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के सख्त निर्देश
14.20 लाख ग्रामीण परिवारों तक पहुंचा शुद्ध पानी; मुख्यमंत्री बोले—”केवल कनेक्शन की संख्या नहीं, नल से नियमित और गुणवत्तापूर्ण जल पहुंचना ही असली सफलता”
देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी और ग्रामीण अंचलों के प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ‘जल जीवन मिशन’ की प्रगति, वित्तीय स्थिति और आगामी कार्ययोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत अब तक 92.46 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और 14.48 लाख ग्रामीण परिवारों में से 14.20 लाख घरों को नल कनेक्शन से जोड़ा जा चुका है।
“हर घर शुद्ध जल की गारंटी हमारी प्राथमिकता”
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माणाधीन योजनाओं को ‘मिशन मोड’ में तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा:
“जल जीवन मिशन की वास्तविक सफलता केवल नल कनेक्शनों की संख्या गिनने से नहीं, बल्कि हर ग्रामीण घर तक नियमित, पर्याप्त, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की आपूर्ति से तय होगी। जिन योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, उनका धरातल पर स्थलीय सत्यापन (Ground Verification) अनिवार्य रूप से कराया जाए।”
उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन, वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और स्रोतों के पुनर्भरण (Recharge) पर विशेष बल देने के निर्देश दिए।
आंकड़ों में उत्तराखंड ‘जल जीवन मिशन’ का रिपोर्ट कार्ड:
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कुल स्वीकृत योजनाएं: 16,555
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पूर्ण हो चुकी योजनाएं: 15,540 (1,015 योजनाएं प्रगति पर)
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औसत भौतिक प्रगति: 92.46%
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नल से जल कवरेज: 14.48 लाख में से 14.20 लाख परिवार लाभांवित
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सत्यापित गांव: कुल 14,979 गांवों में से 9,796 गांवों में ‘हर घर जल’ का शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा।
लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों (DCs) को पेयजल विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम करने तथा योजनाओं में अनावश्यक विलंब होने पर संबंधित कार्यदायी संस्थाओं और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रत्येक जनपद में जलापूर्ति से जुड़ी तकनीकी कमियों को तुरंत दूर करने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने को कहा गया है।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव पेयजल रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव रोहित मीणा, झरना कमठान समेत शासन और पेयजल निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

