दक्षिण अमेरिका में कुदरत का कहर: 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से कांप उठा कोलंबिया, 250 की मौत और 3,000 से अधिक लोग लापता
मलबे में तब्दील हुईं दर्जनों इमारतें, सड़कों और पुलों के टूटने से राहत-बचाव कार्य प्रभावित; पड़ोसी देशों तक महसूस किए गए झटके
बोगोटा। दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में आए भीषण और शक्तिशाली भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है। रिक्टर पैमाने पर 7.4 की तीव्रता वाले इस विनाशकारी भूकंप के कारण कई शहरों में गगनचुंबी और आवासीय इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। शुरुआती आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, अब तक 250 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 3,000 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।
भूकंप के झटके इतने तेज थे कि राजधानी बोगोटा सहित पड़ोसी देशों इक्वाडोर और वेनेजुएला में भी धरती कांप उठी, जिससे लाखों लोग दहशत में घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
सैन होजे डेल पाल्मर के पास था भूकंप का केंद्र
कोलंबिया की ‘नेशनल यूनिट फॉर डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट’ (UNGRD) के अनुसार, भूकंप का केंद्र सैन होजे डेल पाल्मर के समीप गहराई में स्थित था। गहराई अधिक होने के बावजूद झटकों की तीव्रता इतनी भयानक थी कि सैकड़ों किलोमीटर दूर तक तबाही का असर देखा गया।
तबाही की सबसे बड़ी तस्वीरें: काली, क्विबडो और पेरेइरा
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चोको प्रांत और क्विबडो: चोको की प्रांतीय राजधानी क्विबडो में व्यापक क्षति हुई है। गवर्नर नूबिया कोर्डोबा ने नागरिकों से अत्यधिक सतर्क रहने और आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटकों) के लिए तैयार रहने की अपील की है।
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काली (Cali) शहर: लगभग 20 लाख की आबादी वाले काली शहर में बहुमंजिला इमारतों के गिरने से भारी नुकसान हुआ है। सैकड़ों लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है।
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पेरेइरा: पेरेइरा शहर में भी दर्जनों इमारतों को नुकसान पहुँचा है और बड़े पैमाने पर जनहानि की खबर है।
युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य, टूटे रास्तों से बनी बाधा
भूकंप के कारण प्रमुख सड़कें धंस गई हैं और पुल टूट गए हैं, जिससे राहत दस्तों को प्रभावित इलाकों तक पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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आपदा प्रबंधन टीमें, सेना और स्थानीय स्वयंसेवक मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।
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दुर्गम और कटे हुए क्षेत्रों में जीवनरक्षक सामग्री पहुँचाने और घायलों को एयरलिफ्ट करने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।
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प्रशासन ने लोगों को क्षतिग्रस्त ढांचों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
मानवीय संकट और वैश्विक मदद की दरकार
कोलंबिया में आया यह भूकंप बीते कुछ दशकों की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जा रहा है। हजारों लोगों के लापता होने और बुनियादी ढांचे के ठप पड़ने से देश के सामने गहरा मानवीय संकट पैदा हो गया है। आने वाले घंटों में मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से त्वरित सहायता की दरकार है।

