उत्तराखंड के विकास को मिलेगी नई रफ्तार: CM धामी ने दिए ₹7 करोड़, सड़कों का बिछेगा जाल और संवरेंगे प्रसिद्ध मंदिर
पहाड़ी इलाकों में कनेक्टिविटी और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा; स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. कल्याण सिंह अधिकारी की प्रतिमा के लिए भी बजट मंजूर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में बुनियादी ढांचे, ग्रामीण कनेक्टिविटी और धार्मिक पर्यटन को मजबूती देने के लिए लगभग ₹7 करोड़ (₹6.91 करोड़) की वित्तीय स्वीकृतियों को अपनी मंजूरी दे दी है। इस बजट से पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण, सीसी मार्गों, मंदिरों के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं (पेयजल, शौचालय व आवास) का विस्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की इन स्वीकृतियों से सीमांत जिलों पिथौरागढ़, चम्पावत, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, टिहरी और ऊधमसिंह नगर के ग्रामीणों को सीधी राहत मिलेगी।
प्रमुख विकास परियोजनाएं और जारी बजट:
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मंदिरों का सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास:
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रुद्रेश्वर महाराज मंदिर (नौगांव, उत्तरकाशी): सौंदर्यीकरण हेतु ₹1.79 करोड़ मंजूर (प्रथम किस्त ₹1.07 करोड़ जारी)।
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ध्वज जयंती माता मंदिर (पिथौरागढ़): श्रद्धालुओं के आवास, पेयजल व शौचालय निर्माण हेतु ₹97.09 लाख स्वीकृत।
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मल्ली मनिला मंदिर (सल्ट, अल्मोड़ा): सौंदर्यीकरण के लिए ₹98.80 लाख की मंजूरी।
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भीमादेवी मंदिर (ध्याड़ी, अल्मोड़ा): सौंदर्यीकरण के लिए ₹98.50 लाख स्वीकृत।
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रामबाग, हरिपुरा व पंचाननपुर (गदरपुर): मंदिर व धर्मशाला निर्माण के लिए ₹2.54 करोड़ की स्वीकृति।
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सड़क व ग्रामीण कनेक्टिविटी:
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मैरोली व बडपास (चम्पावत): आंतरिक मार्गों में इंटरलॉकिंग टाइल्स निर्माण हेतु ₹3.89 करोड़ मंजूर।
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सिरड से नाघर इंटर कॉलेज (डीडीहाट, पिथौरागढ़): सीसी संपर्क मार्ग के लिए ₹79.87 लाख स्वीकृत।
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ग्राम भारी केमर से डाबरा पानी (टिहरी): आरसीसी खड़िंजा रेलिंग मार्ग हेतु ₹52.06 लाख की मंजूरी।
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सेलागाड से कोटकेन्द्री (चम्पावत): संपर्क मार्ग हेतु ₹40.53 लाख स्वीकृत।
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एंचोली-जाख मार्ग (पिथौरागढ़): मोती मार्ग प्रवेश द्वार निर्माण हेतु ₹8.93 लाख मंजूर।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. कल्याण सिंह अधिकारी की प्रतिमा होगी स्थापित
पर्वतीय अंचल के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देते हुए मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. कल्याण सिंह अधिकारी की स्मृति में प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर मोहर लगाई है। चम्पावत जिले के लोहाघाट (बाराकोट) में इस प्रतिमा की स्थापना के लिए ₹32.49 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बल
राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत यह फंड केवल ढांचागत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार, व्यापार और धार्मिक पर्यटन को सीधी संजीवनी मिलेगी। सुगम सड़कें और सुव्यवस्थित मंदिर परिसर से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे पलायन की समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी।

