Friday, October 30, 2026
उत्तराखंड

देहरादून में नियमों को ताक पर रखकर हो रहा था निर्माण: MDDA ने इंजीनियर इन्क्लेव में चलाया सीलिंग का चाबुक

राजपुर रोड पर स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बन रही इमारत सील; एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले— “अनधिकृत निर्माण पर बर्दाश्त नहीं होगी नरमी”

देहरादून। राजधानी देहरादून को सुनियोजित और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अनधिकृत और नियम-विरुद्ध निर्माणों पर अपना शिकंजा और कस दिया है। इसी क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने राजपुर रोड स्थित पॉश इलाके इंजीनियर इन्क्लेव, जाखन में एक बड़े अवैध व्यावसायिक/रिहायशी निर्माण को सील कर दिया है।

प्राधिकरण द्वारा की गई इस त्वरित सीलिंग की कार्रवाई से शहर में बिना नक्शा पास कराए या स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कराने वाले बिल्डरों व भू-स्वामियों में हड़कंप मच गया है।

नक्शे से विचलन पाए जाने पर हुई कानूनी कार्रवाई

एमडीडीए से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इंजीनियर इन्क्लेव (जाखन, राजपुर रोड) में अनुभव छाबड़ा और विकास गिरधर द्वारा निर्माण कराया जा रहा था। जब प्राधिकरण की टीम ने मौके पर जाकर निर्माण की पड़ताल की, तो वहां पास कराए गए स्वीकृत मानचित्र से भारी विचलन (Deviation) पाया गया।

भवन निर्माण उपविधियों और मानकों का सीधा उल्लंघन पाए जाने पर प्राधिकरण ने संबंधित पक्षों के खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 (उत्तराखंड संशोधन अधिनियम, 2009) की संबंधित धाराओं के अंतर्गत वाद दर्ज किया। इसके बाद निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए निर्माण परिसर को मौके पर ही सील कर दिया गया।

“नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में मंजूर नहीं”

एमडीडीए के अधिकारियों ने साफ किया है कि राजधानी के प्राकृतिक सौंदर्य और मास्टर प्लान को सुरक्षित रखने के लिए अनधिकृत निर्माणों पर लगातार विजिलेंस बढ़ाई जा रही है।

“राजधानी देहरादून में सुनियोजित और सुरक्षित विकास सुनिश्चित करना हमारी पहली प्राथमिकता है। भवन निर्माण के लिए निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानचित्र का पालन करना हर नागरिक के लिए अनिवार्य है। नियमों को ताक पर रखकर किए जाने वाले निर्माण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

— बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष (MDDA)

निर्माणकर्ताओं से स्वीकृत नक्शे के अनुसार काम करने की अपील

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि स्वीकृत मानचित्र से भटककर किया जाने वाला कोई भी निर्माण अवैध माना जाएगा। उन्होंने बताया कि इंजीनियर इन्क्लेव मामले में पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सीलिंग की गई है।

सचिव ने सभी भवन स्वामियों और डेवलपर्स से अपील की है कि वे कानूनी कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए केवल प्राधिकरण से स्वीकृत नक्शे के अनुसार ही निर्माण कार्य करें।