Sunday, June 23, 2024
उत्तराखंड

मौसम विभाग ने चमोली जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में अगले 24 घंटे में एवलांच आने की दी चेतावनी

गोपेश्वर: उत्‍तराखंड के चमोली जिले में पिछले 24 घंटे से रुक रुक कर वर्षा व बद्रीनाथ, हेमकुंड की चोटियों में बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले इलाकों में अगले 24 घंटे में एवलांच आने की चेतावनी दी है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 24 घंटे में 3500 मीटर की ऊंचाई वाले इलाकों में एवलांच की चेतावनी दी है और उन्होंने सतर्क रहने की हिदायत दी है।

चमोली जिले में शनिवार को भी दिनभर रुक रुक कर वर्षा हुई है जिससे ठंड महसूस की जा रही है। वर्षा व बर्फबारी से बदरीनाथ धाम में यात्रा तैयारियों को लेकर भी दिक्कतें आ रही हैं। धाम में रंगरोगन सहित यात्रा तैयारियों के कार्यों में मंदिर समिति के मजदूर जुटे हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रविवार को प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में आंशिक बादल छाये रह सकते हैं। कहीं-कहीं हल्की वर्षा के आसार हैं। चोटियों पर हल्का हिमपात हो सकता है। वहीं, सोमवार और मंगलवार को पहाड़ों में वर्षा और निचले इलाकों में ओलावृष्टि को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कहीं-कहीं अंधड़ चलने के भी आसार हैं।

केदारनाथ धाम में पिछले सात दिन से लगातार बर्फबारी हो रही है। रुक-रुक कर हुई वर्षा ने राहगीरों की परेशानियां बढ़ा रखी, वहीं ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। ऊंचाई वाले स्थानों पर कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बीते एक सप्ताह से केदारनाथ समेत ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी हो रही है। जबकि निचले इलाकों में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं केदारनाथ यात्रा तैयारियों में जुटे विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं मजदूरों को यात्रा तैयारियों को करने में दिक्कतें आ रही हैं। दो दिनों से पैदल मार्ग से बर्फ नहीं हटाई गई। जबकि केदारनाथ धाम में भी बर्फबारी से निर्माण कार्य नहीं हो पा रहे हैं।

हालांकि मौसम के खुलने की उम्मीद जताई जा रही है किंतु यात्रा तैयारियों में मौसम जिस तरह बाधक बन रहा है उससे आने वाले दिनों में सरकार, प्रशासन और बीकेटीसी को यात्रा व्यवस्थाएं आनन-फानन में करनी पड़ेगी।वहीं देहरादून के डोईवाला में बेमौसम वर्षा से ग्रामसभा कालूवाला में सिंचाई नहर का कुछ हिस्सा ढह कर नीचे खेतों में गिर गया। जिससे सिंचाई नहर के साथ ही खेतों में गिरे मलबे के चलते फसल भी खराब हुई हैं।

ग्राम प्रधान कालूवाला पंकज रावत ने बताया कि मार्च माह में अत्यधिक वर्षा के चलते कालूवाला सिंचाई नहर का लगभग 20 मीटर हिस्सा ढह कर नीचे खेतों में चला गया, जिससे जहां मरम्मत होने तक उक्त नहर में सिंचाई व्यवस्था बाधित रहेगी। तो वहीं खेतों में मलबा जाने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि रात्रि नहर में जलस्तर बढ़ने के बाद नहर में अत्यधिक कूड़ा फंस गया। जिससे पानी का दबाव नहर नहीं झेल पाई और टूट कर बिखर गई। उन्होंने सिंचाई विभाग से जल्द से जल्द उक्त नहर को ठीक कराने की मांग की है। जिससे की जरूरत पड़ने पर सिंचाई की व्यवस्था सुचारू की जा सके।

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