Saturday, October 10, 2026
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“जनसमस्याओं का समाधान औपचारिकता नहीं, जनसेवा का दायित्व”: तपोवन शिविर में सीएम धामी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

सेवा संकल्प अभियान के तहत देहरादून में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर; मुख्यमंत्री ने सुनी समस्याएं और लाभार्थियों को बांटे कृषि यंत्र व कल्याणकारी किट

देहरादून। “आम जनता को अपने छोटे-छोटे कार्यों और समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना जिला प्रशासन और अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनसमस्याओं का निस्तारण केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि एक पवित्र जनसेवा है।” यह कड़े निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के तपोवन रोड स्थित क्षत्रिय चेतना मंच में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के बहुउद्देशीय शिविर के दौरान दिए।

इस बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने पात्र लाभार्थियों को कृषि यंत्र, मशरूम मिनीकिट तथा बाल विकास विभाग की ओर से महालक्ष्मी और किशोरी किट वितरित किए।

“तय समयसीमा में हो शिकायतों का निस्तारण, जनता को न हो परेशानी”

शिविर में उमड़ी जनता की भीड़ के बीच मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिविरों या जनसुनवाई में प्राप्त होने वाली हर एक शिकायत को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लिया जाए।

  • समयबद्ध समाधान: प्रत्येक शिकायत का निस्तारण एक निश्चित समयसीमा के भीतर होना चाहिए।

  • पारदर्शिता: यदि किसी प्रकरण के समाधान में नीतिगत कारणों से अधिक समय लगना आवश्यक हो, तो शिकायतकर्ता को उसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन पर चलते हुए हमारी सरकार सुशासन और जनभागीदारी को मजबूत कर रही है। पूर्व में चले ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों ने जुड़कर लाभ उठाया है। हमारा उद्देश्य शासन-प्रशासन को खुद चलकर जनता के द्वार तक ले जाना है।”

— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ और स्वास्थ्य सेवाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुउद्देशीय शिविरों का मुख्य उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरा करना नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं, पेंशन, राशन कार्ड, और प्रमाण पत्र जैसी जरूरी सेवाओं को सीधे पात्र व्यक्ति के द्वार तक पहुंचाना है। प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य जांच, परामर्श और उपचार जैसी सुविधाएं सुलभ कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान उत्तराखंड जैसी योजनाओं के जरिए हर पात्र नागरिक तक स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

गरिमामायी उपस्थिति

इस अवसर पर स्थानीय विधायक उमेश शर्मा काऊ, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।